Uttarakhand : उत्तराखंड के प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में सफारी के दौरान पर्यटकों को अक्सर प्रकृति के ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं, जो जिंदगी भर याद रह जाते हैं। यह पार्क बाघों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन यहां हिरण, हाथी, तेंदुआ, मगरमच्छ, सरीसृप, रंग-बिरंगे पक्षी और कई दुर्लभ जीव भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। फिर भी, अधिकांश पर्यटक सफारी पर इसी उम्मीद के साथ निकलते हैं कि उन्हें जंगल के राजा बाघ की एक झलक जरूर मिले।
गुरुवार की शाम ढिकाला जोन में सफारी कर रहे पर्यटकों को एक बेहद अनोखा और दुर्लभ दृश्य देखने को मिला। शिकार की तलाश में निकला एक बाघ अचानक साल के ऊंचे पेड़ पर चढ़ता हुआ नजर आया।
Uttarakhand: कार्बेट की वाइल्ड लाइफ का अनोखा नजारा
आमतौर पर बाघ जमीन पर शिकार करता हुआ दिखता है, लेकिन पेड़ पर चढ़ा बाघ देखना एक असामान्य और रोमांचक अनुभव माना जाता है। जंगल की शांति के बीच पेड़ पर बैठा बाघ मानो प्रकृति का कोई जीवंत पोस्टर बन गया हो। जैसे ही पर्यटकों की नजर पेड़ पर बैठे बाघ पर पड़ी, वाहनों में बैठे लोग उत्साह से भर उठे। किसी ने मोबाइल निकाला तो किसी ने कैमरा, और हर कोई उस दुर्लभ पल को अपने लेंस में कैद करने की कोशिश करने लगा। कुछ देर तक बाघ शांति से वहीं बैठा रहा, मानो वह भी पर्यटकों की मौजूदगी को महसूस कर रहा हो। कई लोगों के लिए यह उनकी पहली बाघ-दर्शन की यादगार घड़ी बन गई।
नेचर गाइड ने बताया अनुभव
सफारी के दौरान मौजूद नेचर गाइड नफीस ने बताया कि पेड़ पर चढ़ा बाघ देखना बेहद दुर्लभ घटना है। उनके अनुसार, बाघ कभी-कभी बेहतर दृष्टि या शिकार की तलाश में ऊंचाई का सहारा लेते हैं, लेकिन ऐसा दृश्य रोज देखने को नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि पर्यटक इस नजारे को देखकर काफी रोमांचित और उत्साहित नजर आए, और कई लोगों ने इस पल को अपनी यात्रा की सबसे खास याद बताया।
कुछ समय तक पेड़ पर बैठे रहने के बाद बाघ धीरे-धीरे नीचे उतरा और घने जंगल की ओर बढ़ गया। जंगल की हरियाली में विलीन होता वह बाघ पर्यटकों के लिए एक अविस्मरणीय याद छोड़ गया।
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