Uttarakhand News:- उत्तराखंड में कैबिनेट बैठक रखी गई जिसके दौरान एक अहम फैसले पर मोहर लगाई गई है। नगर निगम की तरफ से पहली बार पर्यावरण इंजीनियर रखे जाने को लेकर मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले पर कैबिनेट बैठक के दौरान मोहर लगी है। स्वच्छ वायु अभियान में भी इस फैसले से मदद मिलेगी। उत्तराखंड में लगभग 11 नगर निगम में पहली बार पर्यावरण इंजीनियर रखे जाएंगे। इन इंजीनियर का काम होगा कि वह खास तौर पर केंद्र सरकार की पर्यावरण संबंधी योजनाओं को धरातल पर उतारे। प्रदेश में केंद्र के कई अहम और महत्वपूर्ण कार्यक्रम चल रहे हैं।
हर नगर निगम में होंगे इंजीनियर
केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सभी योजनाओं के सफल संचालन और क्रियान्वयन करने इसके साथ ही निर्धारित मानकों के मुताबिक निकायों की तरफ से लक्ष्य प्राप्त करने और ठोस अपशिष्ट पर्यावरण का पर्यावरण दृष्टिकोण से सतत और स्थाई निस्तारण करने को लेकर और केंद्र की विशेष सहायता योजना के चलते शहरी विकास विभाग में प्रशासनिक सुधारो के चलते प्रदेश के सभी 11 नगर निगम के पर्यावरण अभियंता के 11 पद को सृजित किया गया है।
कैबिनेट बैठक में लगी इस प्रस्ताव पर मोहर
कैबिनेट बैठक रखी गई इस दौरान इस फैसले को लेकर इस पर मोहर लगी है। हर नगर निगम में अब एक पर्यावरण इंजीनियर सुविधा के आधार पर रखा जाएगा। जिसमें उनकी सैलरी 80000 से लेकर 1.30 लख रुपए होगी। शहरी विकास विभाग के मुताबिक यह पर्यावरण इंजीनियर और हाइड्रोलॉजिस्ट दोनों की भूमिका निभाएंगे।
आठ नगरों में होगा स्वच्छ वायु कार्यक्रम शुरू
स्वच्छ भारत वायु कार्यक्रम फिलहाल केवल देहरादून, ऋषिकेश के साथ काशीपुर नगर निगम में चल रहा है लेकिन इसके बाद यह कार्यक्रम लगभग 8 नगर निगमो में जल्द ही शुरू होगा। इसके अलावा इंजीनियरों की तैनाती के बाद इस दिशा में कुछ बेहतर काम भी किए जाएंगे।
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