US Green Card : अमेरिका में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन राहत लेकर आया है। परिवार आधारित इमिग्रेशन की कई प्रमुख श्रेणियों में फाइनल एक्शन डेट को काफी आगे बढ़ाया गया है। इसका सीधा फायदा उन आवेदकों को मिल सकता है, जो लंबे समय से अपनी प्राथमिकता तारीख आने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, रोजगार आधारित EB-1 कैटेगरी में भारतीय आवेदकों के लिए कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सितंबर में भारत के लिए EB-1 की फाइनल एक्शन डेट 15 अक्टूबर 2022 ही बनी हुई है। इस श्रेणी में असाधारण क्षमता वाले लोग, उत्कृष्ट प्रोफेसर और रिसर्चर तथा कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं।
US Green Card
अमेरिकी नागरिकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए F-1 कैटेगरी में बड़ी प्रगति हुई है। भारत और चीन के लिए फाइनल एक्शन डेट 15 दिसंबर 2018 से बढ़कर 22 जनवरी 2020 हो गई है। एक महीने के भीतर इस कैटेगरी की तारीख करीब 13 महीने आगे बढ़ी है। लंबे समय से परिवार आधारित ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे आवेदकों के लिए इसे अहम राहत माना जा रहा है। ग्रीन कार्ड धारकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए F-2B कैटेगरी में भी उल्लेखनीय बदलाव हुआ है। इसकी फाइनल एक्शन डेट 1 जनवरी 2018 से बढ़कर 22 अगस्त 2019 हो गई है। इस तरह करीब 20 महीने की बढ़त मिली है। इससे इस श्रेणी में लंबित मामलों को आगे बढ़ने का रास्ता मिल सकता है।
29 महीने की छलांग
अमेरिकी नागरिकों के विवाहित बेटे-बेटियों के लिए F-3 कैटेगरी में सितंबर बुलेटिन सबसे ज्यादा राहत देने वाला रहा। इसकी फाइनल एक्शन डेट 15 मई 2012 से बढ़कर 22 अक्टूबर 2014 हो गई है। इसका मतलब है कि एक महीने में करीब 29 महीने की प्रगति हुई है। लंबे समय से कतार में लगे परिवारों के लिए यह बड़ा बदलाव है। ग्रीन कार्ड धारकों के पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों के लिए F-2A कैटेगरी की फाइनल एक्शन डेट भी आगे बढ़ी है। यह 22 जुलाई 2026 से बढ़कर 22 अगस्त 2026 हो गई है। इस श्रेणी में करीब एक महीने की बढ़त दर्ज की गई है।
सितंबर का बुलेटिन क्यों है खास?
सितंबर का वीजा बुलेटिन मौजूदा अमेरिकी वित्त वर्ष का आखिरी बुलेटिन है। अमेरिका का वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से 30 सितंबर तक चलता है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अक्टूबर से नए वार्षिक वीजा नंबर उपलब्ध होंगे। वित्त वर्ष 2026 में परिवार आधारित इमिग्रेशन के लिए कुल सीमा 2.26 लाख है, जबकि रोजगार आधारित इमिग्रेशन के लिए 1,86,317 वीजा उपलब्ध हैं। प्रत्येक देश के लिए सामान्य तौर पर 7 प्रतिशत की सीमा लागू होती है।
क्यों अहम है Green Card?
अमेरिका में ग्रीन कार्ड स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देने वाला दस्तावेज है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के मामले में भारतीय नागरिकों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ता है। इसकी एक बड़ी वजह प्रति देश लागू होने वाली सीमा भी है। इसी बीच अमेरिकी सीनेट में एक प्रस्तावित विधेयक चर्चा में आया है, जिसमें लगातार 7 साल तक अमेरिका में रहने वाले पात्र लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने का रास्ता देने का प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि H-1B कार्यक्रम में भारतीय पेशेवरों की बड़ी हिस्सेदारी है। हालांकि, सिर्फ विधेयक पेश होना कानून बनने के बराबर नहीं है। इसके लागू होने के लिए अमेरिकी विधायी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी होगा।
सितंबर का वीजा बुलेटिन परिवार आधारित ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए सकारात्मक रहा है। F-1, F-2B और F-3 जैसी श्रेणियों में बड़ी बढ़त देखने को मिली है, जबकि EB-1 में भारतीय आवेदकों के लिए तारीख में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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