UP Monsoon Update : उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से सक्रिय मानसून अब कुछ समय के लिए कमजोर पड़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 23 से 25 जुलाई तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम रहेंगी। हालांकि बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद 26 और 27 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई है, जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर हो गया है।
इसके साथ ही मानसून की ट्रफ लाइन भी दक्षिण की ओर खिसक गई है। यही वजह है कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने इस अवधि के लिए किसी भी जिले में भारी वर्षा का अलर्ट जारी नहीं किया है।
UP Monsoon Update
बुधवार को प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 72 मिमी वर्षा मऊ में दर्ज हुई। इसके अलावा ललितपुर में 70 मिमी, सोनभद्र में 58 मिमी और प्रयागराज में 41.5 मिमी बारिश हुई। वहीं सोनभद्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ। राजधानी लखनऊ में भी अगले तीन दिनों तक बारिश कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश घटने और धूप निकलने से तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
गांवों में बाढ़ का खतरा
बारिश की रफ्तार भले ही धीमी पड़ने वाली हो, लेकिन पिछले दस दिनों की लगातार वर्षा का असर अब भी दिखाई दे रहा है। गंगा, यमुना समेत प्रदेश की कई नदियां उफान पर हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का पानी गांवों में घुस गया है, जिससे कई बस्तियां टापू में तब्दील हो गई हैं। कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और नदी किनारे कटान लगातार जारी है। गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि महराजगंज में तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
सरकार का जोर
संभावित प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने मौसम संबंधी चेतावनियों के समय पर प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने अधिकारियों को रेड और ऑरेंज अलर्ट जैसी महत्वपूर्ण चेतावनियों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए मीडिया और अन्य संचार माध्यमों का सहयोग भी लिया जाएगा, ताकि लोग समय रहते सतर्क रह सकें।
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