UP Politics : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला तेज हो गया है। इसी बीच गोंडा जिले में भाजपा को राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी माने जाने वाले भवानी भीख शुक्ला ने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। उनके साथ परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में समर्थक भी सपा में शामिल हुए हैं। इस घटनाक्रम के बाद जिले के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बता दें कि लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में भवानी भीख शुक्ला ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उनके पांचों बेटे भी सपा में शामिल हुए। कार्यक्रम में समर्थकों ने ‘जय भवानी’ के नारे लगाए।
UP Politics
भवानी भीख शुक्ला के साथ उनके पांच बेटों के नाम भी सुर्खियों में हैं। इनके नाम भगवान शुक्ला, कृष्ण भगवान शुक्ला, शिव भगवान शुक्ला, विष्णु भगवान शुक्ला और शंकर भगवान शुक्ला हैं। पांचों ने अपने पिता के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। पार्टी बदलने के बाद भवानी भीख शुक्ला ने भाजपा नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह अपनी इच्छा से पार्टी छोड़कर नहीं आए, बल्कि परिस्थितियां ऐसी बना दी गईं कि उन्हें अलग होना पड़ा। शुक्ला के मुताबिक, करीब एक साल पहले उनके क्षेत्र में स्थानीय विधायक के समर्थकों के साथ विवाद हुआ था।
इस दौरान मारपीट में उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में भर्ती रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद भाजपा के किसी बड़े नेता ने परिवार की सुध नहीं ली। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गोंडा की राजनीति
जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ला का स्थानीय राजनीति में प्रभाव माना जाता है। उनके साथ कई ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और समर्थकों के लखनऊ पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में सपा को गोंडा के कुछ क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस मौके पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रिय रहने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने को कहा। भवानी भीख शुक्ला के सपा में शामिल होने से गोंडा में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। हालांकि, इस बदलाव का चुनावी असर कितना होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।




