UP News : जैसे-जैसे ठंड तेज हो रही है, वैसे-वैसे किसानों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। बीते चार दिनों से लगातार पड़ रहे कोहरे ने खेतों में खड़ी फसलों पर खतरे के संकेत दे दिए हैं। खासकर आलू की फसल पर ठंड और नमी का असर सबसे पहले दिखाई देने लगा है। इसके साथ ही टमाटर, बैंगन, सरसों, मटर और मिर्च जैसी नकदी फसलें भी जोखिम की जद में आ गई हैं।
किसानों के अनुसार, आलू की फसल पर असर बहुत तेजी से सामने आ रहा है। सुबह के समय पत्तियों पर नमी ज्यादा देर तक बनी रहती है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
UP News : खतरा अधिक
कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि आलू, टमाटर और बैंगन की फसलों में झुलसा रोग का खतरा इस मौसम में अधिक रहता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि बीमारी के लक्षण दिखने का इंतजार न करें, बल्कि पहले से ही बचाव के उपाय अपनाएं। ठंड और कोहरे के इस दौर में किसानों के लिए सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है।
नमी जरूरी
जिन किसानों ने अभी तक आलू की सिंचाई नहीं की है, उन्हें हल्की और नियमित सिंचाई करते रहने की सलाह दी गई है। खेत में अत्यधिक सूखापन या ज्यादा पानी, दोनों ही स्थिति में फसल को नुकसान हो सकता है। संतुलित नमी झुलसा रोग के खतरे को भी कम करती है। ठंड के इस मौसम में सिर्फ फसल ही नहीं, बल्कि मवेशियों की देखभाल भी अहम है। पशुओं को गुनगुना पानी पिलाएं और उनके आहार में गुड़ व नमक की मात्रा बढ़ाएं। दुधारू पशुओं को गीला चारा देने से बचें, ताकि उन्हें ठंड से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।
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