UP News : नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को दिल्ली से मेरठ जाते समय गाजियाबाद पुलिस ने एनएच-9 पर रोक दिया। शनिवार को जैसे ही उनका काफिला दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पहुंचा, पुलिस ने आगे बढ़ने से मना कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। मेरठ जाने से रोकने के लिए पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की दिल्ली जाने वाली लेन वेदांता फार्म हाउस के सामने बंद कर दी।
इसके साथ ही डीएमई और एनएच-9 से गुजरने वाले सभी वाहनों को हापुड़ की ओर डायवर्ट कर दिया गया। अचानक हुए ट्रैफिक डायवर्जन से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
UP News: मेरठ कूच पर सियासी टकराव
हापुड़ की ओर मोड़े गए ट्रैफिक के कारण एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम लग गया। स्थिति यह रही कि वाहनों की कतारें कई किलोमीटर तक फैल गईं। आम लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे और कई यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों की तलाश करनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेरठ में सुरक्षा कारणों से काशी टोल प्लाजा को दिल्ली से आने वाले वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। इसी वजह से गाजियाबाद से किसी भी वाहन को मेरठ की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है।
भोजपुर में डेरा डाले पुलिस अधिकारी
दरअसल, मेरठ में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के कथित अपहरण के मामले ने माहौल को संवेदनशील बना दिया है। चंद्रशेखर आजाद इसी मामले में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने मेरठ जा रहे थे। इससे पहले यूपी गेट पर भी उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसके बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। स्थिति को संभालने के लिए डीसीपी ग्रामीण, डीसीपी ट्रांस हिंडन समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भोजपुर क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मौजूद हैं। हर आने-जाने वाले वाहन की सघन जांच की जा रही है। पुलिस बल की भारी तैनाती के चलते इलाका छावनी में तब्दील नजर आया।
कई किलोमीटर लंबा जाम
वाहनों की कतार कलछीना तक पार कर गई है। सैकड़ों वाहन जाम में फंसे हुए हैं, जिनमें बसें, ट्रक और निजी गाड़ियां शामिल हैं। दिल्ली से यूपी की ओर आने वाले रास्तों पर खासतौर पर सख्ती बरती जा रही है, जिससे यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर दलित महिला हत्या का मामला सियासी रूप लेता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा इंतजामों का असर आम जनता पर साफ दिख रहा है। चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने के साथ ही दिल्ली-मेरठ मार्ग पर पैदा हुआ जाम प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।
Read More : UP Police में भर्ती का बड़ा मौका, 32 हजार से ज्यादा पदों पर आवेदन शुरू; नोटिफिकेशन जारी





