UP News : टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। ताजा जांच में पाया गया कि बच्चियों के पिता चेतन ने पुलिस और मीडिया के सामने कई झूठे दावे किए थे। अब स्पष्ट हो गया है कि चेतन ने मामले को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस पूछताछ में चेतन ने कहा था कि तीनों बेटियों को पढ़ाई में नाकामी के कारण स्कूल छोड़ना पड़ा।
पुलिस ने शालीमार गार्डन ग्रीन फील्ड स्कूल के मैनेजर अजीत सिंह से जानकारी ली, जिसमें बताया गया कि प्राची का दाखिला अगस्त 2018 में कक्षा एक, निशिका का अप्रैल 2019 में कक्षा तीन और पाखी का मई 2019 में केजी में हुआ था। कोरोना काल के बाद सभी बच्चियां अगली कक्षा में भेज दी गईं। बाद में स्कूल खुलने पर कोई भी बच्ची स्कूल नहीं आई और न ही टीसी ली गई।
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जांच में यह भी पता चला कि पढ़ाई छोडऩे का कारण आर्थिक तंगी था, न कि पढ़ाई में फेल होना। जांच में यह भी सामने आया कि बेटियों का कोरियन कल्चर और उससे जुड़ा कंटेंट पिता के मोबाइल फोन पर मौजूद था। चेतन ने मीडिया को बताया था कि दो मोबाइल फोन बेचकर उन्होंने बेटियों की कोरियन लत छुड़ाई। हालांकि, असलियत यह थी कि फोन बेचने का कारण आर्थिक तंगी था, न कि लत छुड़ाना।
यूट्यूब चैनल का खुलासा
पुलिस को बच्चियों का एक यूट्यूब चैनल भी मिला, जिसे उन्होंने अपने पिता के मोबाइल से बनाया था। यह चैनल यह साबित करता है कि बेटियों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पिता की नजर रही, बावजूद इसके चेतन ने बाहरी लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, चेतन के झूठ और गुमराह करने के प्रयास अब मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। आर्थिक तंगी और परिवारिक दबाव को लेकर जांच आगे बढ़ रही है। इससे साफ हो गया है कि बच्चियों की पढ़ाई छोडऩे और सुसाइड जैसी घटना के पीछे असली वजह पिता की जिम्मेदारी और परिस्थितियां थीं, न कि उनकी बनाई कहानी।
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