UP News : आगरा के चर्चित अवैध मतांतरण प्रकरण में फरार चल रहे विदेशी सरगना पर अब शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यदि आरोपित निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश नहीं होता है तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके समानांतर उसे कनाडा से भारत लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं।
कनाडा में रह रहा दाऊद अहमद इस मामले में मुख्य वांछित के रूप में नामजद है। हाल ही में आगरा पुलिस ने भोपाल के गांधीनगर स्थित रिलायबल हाइटेक सिटी कॉलोनी में उसके मकान पर न्यायालय का नोटिस चस्पा किया।
UP News: विदेशी सरगना दाऊद अहमद की संपत्ति कुर्क
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों को भी नोटिस की जानकारी दी और कॉलोनी में मुनादी कराकर यह सार्वजनिक किया कि आरोपित को अदालत में उपस्थित होना है। नोटिस में दाऊद अहमद को फरवरी में अदालत में हाजिर होने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अनुपस्थित रहने की स्थिति में संपत्ति कुर्की की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। साथ ही, आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि उसे कनाडा से प्रत्यर्पित किया जा सके।
दो बहनों की बरामदगी से खुला था राज
यह पूरा मामला तब सामने आया था जब सदर क्षेत्र से लापता हुई दो युवतियों को पुलिस ने कोलकाता के तपसिया इलाके से बरामद किया। जांच के दौरान कथित अवैध मतांतरण गिरोह का खुलासा हुआ और 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह का संचालन दिल्ली के मुस्तफाबाद निवासी अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह के हाथ में बताया गया।
जेल में बंद हैं सभी आरोपी
पुलिस ने अब्दुल रहमान के अलावा गोवा, शाहगंज और अन्य स्थानों से जुड़े कई आरोपितों को गिरफ्तार किया। वर्तमान में सभी 14 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। जांच में यह भी सामने आया कि पहले इस नेटवर्क की कमान मौलाना कलीम सिद्दीकि के पास थी, लेकिन उनके जेल जाने के बाद संचालन की जिम्मेदारी अब्दुल रहमान ने संभाली। अब पुलिस का ध्यान विदेश में बैठे मुख्य सरगना को भारत लाने और मामले को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने पर है।
Read More : Iran-Israel War के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव, एअर इंडिया की कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स रद्द




