UP News : जनपद की बेटियों ने एक बार फिर नाम रोशन किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भाटी की पुत्री और बिजनौर सांसद चंदन चौहान की भतीजी लेफ्टिनेंट महक भाटी ने गणतंत्र दिवस की भव्य परेड में देश की नई ‘सूर्यास्त’ मिसाइल के प्रदर्शन का नेतृत्व किया। परेड के दौरान उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सलामी दी और अपनी कमान क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
महक भाटी का परिवार राजनीति से जुड़ा रहा है, लेकिन उन्होंने पारिवारिक विरासत से अलग रास्ता चुना। जहां परिवार के कई सदस्य सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं, वहीं महक ने राष्ट्रसेवा को अपना लक्ष्य बनाया। उनके निर्णय को परिवार का पूरा समर्थन मिला, जिसने उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की ताकत दी।
UP की लेफ्टिनेंट ने रचा इतिहास
लेफ्टिनेंट महक वर्तमान में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात हैं। वर्ष 2024 में कमीशन मिलने के बाद उन्होंने कम समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी वजह से उन्हें सेना की नई मिसाइल ‘सूर्यास्त’ के प्रदर्शन का कंटींजेंट कमांडर चुना गया। इससे पहले आर्मी डे समारोह में भी उन्होंने इसी मिसाइल यूनिट का नेतृत्व कर उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में अपनी योग्यता साबित की थी।
चाचा की प्रेरणा
महक के चाचा सौरभ भाटी उनके लिए प्रेरणा का मुख्य स्रोत रहे, जो आर्म्ड रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बचपन में सुने गए सेना के साहसिक किस्सों और वीरता की कहानियों ने महक के भीतर देशभक्ति और सेवा का बीज बोया। यही प्रेरणा आगे चलकर उनके करियर का आधार बनी। महक का छोटा भाई शौर्य भाटी भी देशसेवा की राह पर कदम बढ़ा चुका है। एनडीए में चयन के बाद वह पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है और भविष्य में अधिकारी बनने की तैयारी कर रहा है। एक ही परिवार के दो युवा अब सेना में देश की सेवा के लिए आगे बढ़ रहे हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
शिक्षा से सैन्य प्रशिक्षण तक की यात्रा
महक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर के प्रतिष्ठित सिंधिया कन्या विद्यालय से पूरी की। कक्षा 12 में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने के बाद उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए ऑनर्स किया। वर्ष 2023 में एसएसबी के जरिए सीडीएस में चयन हुआ और चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में कठिन प्रशिक्षण के बाद उन्हें लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला। महक भाटी का कहना है कि वह देश के लिए कुछ बड़ा और सार्थक करना चाहती हैं। छोटे हथियारों के प्रशिक्षण से लेकर अब मिसाइल यूनिट तक का अनुभव उनके आत्मविश्वास को और मजबूत कर रहा है। परिवार के सहयोग और खुद की मेहनत के दम पर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि बेटियां हर मोर्चे पर नेतृत्व करने में सक्षम हैं।
नई पहचान
लेफ्टिनेंट महक भाटी आज केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं, बल्कि उन युवतियों के लिए प्रेरणा हैं, जो देशसेवा का सपना देखती हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि संकल्प और समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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