UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में उत्तर से दक्षिण दिशा को जोड़ने वाले छह नए नार्थ-साउथ कारीडोर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इन कारीडोरों का प्रस्तुतीकरण किया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। यह पहल राज्य में पहली बार हो रही है, क्योंकि अब तक बनाए गए एक्सप्रेसवे और हाईवे मुख्य रूप से पूर्व से पश्चिम की दिशा में हैं। पिछले दो साल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में उत्तर-दक्षिण एक्सप्रेसवे और हाईवे बनाने के प्रयास में लगे हुए थे।
इस कड़ी में सीएम ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मांग रखी थी। हाल ही में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने भी इन कारीडोरों की आवश्यकता जताई थी।
UP में CM की मंजूरी
पहला कारीडोर इकाउना (श्रावस्ती)-अयोध्या-सुल्तानपुर-प्रयागराज मार्ग पर बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 262 किलोमीटर है। चार पैकेज में कार्य विभाजित होगा: इकाउना-बलरामपुर (25 किमी), बलरामपुर-अयोध्या (86 किमी), अयोध्या-प्रतापगढ़ (93 किमी) और प्रतापगढ़-प्रयागराज (58 किमी)। बलरामपुर-अयोध्या और अयोध्या-प्रतापगढ़ खंड को सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा।
दूसरा कारीडोर
दूसरा कारीडोर कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-जमानिया होकर वाराणसी तक जाएगा, जिसकी लंबाई 220 किमी है। इसमें कुशीनगर-देवरिया (35 किमी) और देवरिया-दोहरीघाट (22 किमी) लोक निर्माण विभाग द्वारा विकसित किए जाएंगे। कुल अनुमानित लागत 342 करोड़ रुपये है। तीसरा कारीडोर पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-बांसी-प्रयागराज मार्ग पर 295 किलोमीटर में फैला है। इसमें कई खंड शामिल हैं, जैसे पिपरी-बर्डपुर (9 किमी), बर्डपुर-टांडा (123 किमी), टांडा-सुरहुरपुर (30 किमी) आदि। 107 किमी का काम पीडब्ल्यूडी द्वारा 642 करोड़ रुपये में और 123 किमी का काम एनएचएआइ/मोर्थ द्वारा 738 करोड़ रुपये में किया जाएगा।
चौथा कारीडोर
चौथा कारीडोर लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ-नवाबगंज-लालगंज-चौदगरा-जोनिहा-ललौली-अतरहट-बांदा मार्ग पर बनेगा। इसकी कुल लंबाई 502 किमी है। इसमें कुछ खंड पहले से चार-लेन हैं, बाकी का कार्य पीडब्ल्यूडी और एनएचएआइ/मोर्थ करेंगे। मुस्तफाबाद (पीलीभीत)-शाहजहांपुर-उरई-हरपालपुर मार्ग पर कुल 514 किमी का कारीडोर प्रस्तावित है। इसमें अधिकांश खंड दो लेन से चार लेन किए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी और एनएचएआइ/मोर्थ द्वारा कुल 1,188 करोड़ रुपये की लागत से कार्य होगा।
महत्व
इन कारीडोरों के बन जाने से 24 से अधिक जिलों के लोगों का आवागमन आसान होगा। इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लोक निर्माण विभाग ने कार्ययोजना को स्वीकृति दे दी है और जल्द ही कैबिनेट से एस्टीमेट की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
2 साल के अंदर सभी कारीडोर बन जाने की संभावना है। यह परियोजना न केवल यात्रा को सरल बनाएगी बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक कनेक्टिविटी में भी नई ऊँचाइयों को छुएगी- अजय चौहान, प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी
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