UK News : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य की धामी सरकार की जमकर सराहना की है। एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह फैसला केवल उत्तराखंड के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि राज्य ने एक ऐसा मॉडल पेश किया है, जो भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।
बैरागी द्वीप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नेतृत्व क्षमता की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने साहसिक निर्णय लेते हुए समान नागरिक संहिता लागू की है।
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जो सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा। शाह ने कहा कि यह पहल दिखाती है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ बड़े सुधारात्मक फैसले भी संभव हैं।
‘एक देश, एक कानून’ की अवधारणा पर जोर
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि देश में रहने वाले सभी नागरिकों का धर्म और परंपराएं भले अलग-अलग हों, लेकिन कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उनका मानना है कि समान नागरिक संहिता लागू होने से समाज में न्याय और समानता की भावना को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह व्यवस्था सामाजिक संतुलन बनाए रखने में भी मददगार साबित हो सकती है।
जनसंख्या संतुलन पर भी दिया संकेत
अमित शाह ने अपने भाषण में जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है, जो इस विषय पर अध्ययन कर आगे की दिशा तय करेगी। उनके अनुसार, आने वाले समय में जनसंख्या संतुलन और समान कानून जैसे मुद्दे देश की नीतियों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस अवसर पर कहा कि राज्य में यूसीसी लागू करना सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में यह कदम उठाया गया है। धामी ने कहा कि सरकार ने केवल कानून बनाने तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राज्य सरकार पहाड़ी क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में सख्त भू-कानून लागू कर अवैध जमीन खरीद-फरोख्त पर भी नियंत्रण लगाने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि राज्य की जनसांख्यिकीय संरचना और सांस्कृतिक विरासत को बचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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