UAE : इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद मिडिल ईस्ट का हवाई नक्शा अचानक बदल गया। कई देशों ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा। भारत आने-जाने वाली फ्लाइट्स भी बड़ी संख्या में रद हुईं। इसी अफरातफरी के बीच संयुक्त अरब अमीरात में फंसे भारतीय मूल के प्रोफेशनल तुषार गगेरना ने अपना अनुभव साझा किया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
तुषार की दिल्ली जाने वाली फ्लाइट दोपहर एक बजे निर्धारित थी। लंबा इंतजार करने के बाद वे विमान में सवार भी हो गए थे। लेकिन आधी रात के बाद हालात अचानक बदल गए। करीब सुबह तीन बजे यात्रियों से विमान खाली करने को कहा गया।
UAE ने यात्रियों को तुरंत प्रदान किए आपातकालीन वीजा
जानकारी मिली कि क्षेत्रीय तनाव के चलते सुरक्षा कारणों से उड़ान आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। अचानक आई इस सूचना से यात्रियों में बेचैनी थी, लेकिन हालात जल्द ही संभाल लिए गए। तुषार के मुताबिक, विमान से उतरते ही प्रशासन हरकत में आ गया। प्रभावित यात्रियों के लिए अलग वेटिंग एरिया तैयार किया गया। वहां बैठने, आराम और जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया। भीड़ के बावजूद माहौल शांत और व्यवस्थित रहा। उन्होंने बताया कि न तो अफरा-तफरी थी और न ही कोई भ्रम। हर सूचना साफ तौर पर दी जा रही थी, जिससे यात्रियों को भरोसा मिला।
आपातकालीन वीजा से मिली राहत
सबसे अहम कदम आपातकालीन वीजा जारी करना रहा। जिन यात्रियों के पास ट्रांजिट वीजा भी नहीं था या जिन्होंने होटल बुक नहीं किया था, उनके लिए तत्काल अस्थायी वीजा की व्यवस्था की गई। इससे वे कानूनी रूप से सुरक्षित हो गए और उन्हें देश में रुकने की अनुमति मिल गई। बिना किसी लंबी प्रक्रिया के यह कदम उठाया गया, जिसने कई लोगों की चिंता दूर कर दी।

तुषार का संदेश
अपने पोस्ट में तुषार ने लिखा कि भू-राजनीतिक संकट के बीच जिस तरह से प्रशासन ने त्वरित और मानवीय निर्णय लिए, वह काबिले तारीफ है। भोजन, लाउंज और सुरक्षा की व्यवस्था ने यात्रियों को राहत दी। उन्होंने अंत में लिखा कि वे अब भी अपनी अगली उड़ान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षित हैं और इस अनुभव के लिए आभारी महसूस कर रहे हैं। संकट के दौर में यह उदाहरण बताता है कि व्यवस्था और संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकती है।





