Trent Limited : टाटा समूह की रिटेल कंपनी Trent Limited के शेयरों ने एक बार फिर बाजार में रफ्तार पकड़ ली है। तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर साफ झलक रहा है। हाल के कारोबारी सत्रों में शेयरों में जो मजबूती दिखी है, उसने बाजार में चर्चा तेज कर दी है कि रिटेल सेक्टर की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। 4 फरवरी को Trent के शेयरों में इंट्रा-डे के दौरान करीब 5 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। इसके बाद भी स्टॉक की चाल थमती नजर नहीं आई। 5 फरवरी को शेयर 3,973 रुपये पर खुले और दिन के कारोबार में 4,117 रुपये का उच्च स्तर छू लिया। फिलहाल यह शेयर 4,090 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखाई दे रहा है।
कंपनी के तिमाही आंकड़ों पर नजर डालें तो Trent ने Q3 में 510.11 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 496.54 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसने निवेशकों को भरोसा दिया है।
Trent Limited के शेयरों में तेजी के साथ कारोबार
दिलचस्प बात यह रही कि नतीजों के ऐलान से पहले ही Trent के शेयरों में हलचल शुरू हो गई थी। 2 फरवरी को स्टॉक 3,729 रुपये के निचले स्तर पर था, जहां से इसमें लगातार रिकवरी देखने को मिली। कुछ ही दिनों में शेयर 4,000 रुपये के पार पहुंच गया, जो मजबूत खरीदारी का संकेत माना जा रहा है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों ने भी Trent को लेकर अपनी राय सामने रखी है। मोतीलाल ओसवाल ने ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस 5,200 रुपये रखा है। वहीं नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने लक्ष्य को 5,189 रुपये से घटाकर 4,543 रुपये कर दिया है, हालांकि यह भी मौजूदा भाव से ऊपर है।
अभी खत्म नहीं हुई कहानी
वैल्थ मैनेजर और मार्केट एक्सपर्ट अभिषेक भट्ट का मानना है कि Trent के नतीजे भारत की मजबूत कंजम्पशन स्टोरी को दिखाते हैं। उनके मुताबिक Zudio और Westside जैसे फॉर्मैट्स में लगातार मांग बनी हुई है। टेक्निकल चार्ट पर 3,850-3,900 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि 4,200-4,250 रुपये पहला बड़ा रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
आनंद राठी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल के अनुसार, 3,900 रुपये का स्तर शेयर के लिए मजबूत आधार है। अगर Trent 4,265 रुपये का रेजिस्टेंस पार कर लेता है, तो इसमें अगली बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। RSI भी फिलहाल ओवरबॉट जोन का संकेत नहीं दे रहा, जिससे आगे की चाल पर नजर बनी हुई है।
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