Pausha Amavasya:- हिंदू धर्म में अमावस्या को मंत्र जाप, दान पुण्य और दीपदान बहुत ही शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार, अगर आप पौष अमावस्या के दिन पितरों की पूजा विधि विधान से करते हैं तो आपको पितृ दोष से छुटकारा मिल जाता है और पितरों की कृपा आप पर बनी रहती है। पंचांग के हिसाब से इस बार पौष माह की अमावस्या आज यानी की 19 दिसंबर को मनाई जाएगी। आइए पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए किस तरह से पूजा करनी चाहिए इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
पौष अमावस्या की पूजा का तरीका
पौष अमावस्या की पूजा करने के लिए सबसे पहले आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होता है। सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें इसके बाद पितरों की तस्वीरों को साफ करके फूल और माला चढ़ाएं। इसके बाद राहुकाल के समय भगवान शिव की आराधना करें और रात के समय दक्षिण दिशा में काले तिल डालकर सरसों के तेल का दीपक जलाए।
अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे पितृ प्रसन्न होंगे और उनकी कृपा आप पर बनी रहेगी। इसके साथ ही आपको पितृ दोष से मुक्ति मिल जाएगी। इस दिन आप पीपल के पेड़ के पूजा कर सकते हैं और आटे का चौमुखा दिया यहां काले तिल डालकर जरूर जलाएं परिक्रमा करें इससे पितरों को शांति मिलती है। इस तरह पूजा करने से पितृ खुश होंगे और आप पर उनकी कृपा बनी रहेगी।
दान पुण्य जरूर करें
पौष अमावस्या के दिन आपको कुछ कार्य जरूर करने चाहिए। सुबह के समय उठकर स्नान कर ले और दान पुण्य जरूर करें। अगर आप काले तिल और अन्य के साथ गुड़ और कंबल या फिर ऊनी कपड़ों का दान करते हैं। इसके साथ ही कौवा और चिड़िया, गाय, कुत्ते को भोजन खिलाते हैं। ऐसे में आपको पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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