Tilak Verma : टी20 विश्व कप 2026 में शुरुआती मुकाबलों में जिस बल्लेबाज पर सवाल उठ रहे थे, उसी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में तस्वीर बदल दी। तिलक वर्मा ने नई भूमिका में उतरकर न सिर्फ आलोचकों को जवाब दिया, बल्कि टीम इंडिया को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट में अब तक उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं था, लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने अपने तेवर साफ कर दिए।
अब तक तिलक तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए जूझते नजर आ रहे थे। गेंद बल्ले पर सही तरह से नहीं आ रही थी और बड़े शॉट की कोशिश में विकेट गंवा रहे थे लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम प्रबंधन ने उन्हें छठे नंबर पर भेजने का फैसला किया।
Tilak Verma ने की फॉर्म में वापसी
यह बदलाव कारगर साबित हुआ। मैदान पर उतरते ही तिलक ने आक्रामक रुख अपनाया और महज 16 गेंदों में 44 रन जड़ दिए। उनकी पारी की बदौलत भारत 250 के पार पहुंच सका। इस मैच से पहले उनका टूर्नामेंट में स्कोर 25, 25, 25, 31 और 1 रन रहा था। स्ट्राइक रेट भी 120 से नीचे था, जो टी20 के लिहाज से संतोषजनक नहीं माना जाता। ऐसे में उन्हें टीम से बाहर करने की चर्चाएं भी शुरू हो गई थीं। लेकिन चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले ने उनकी लय और आत्मविश्वास दोनों लौटा दिए।
‘टीम जो कहेगी, वही करूंगा’
मैच के बाद तिलक ने साफ कहा कि वे टीम की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से मुंबई इंडियंस के लिए भी वे अलग-अलग भूमिकाएं निभाते आए हैं। उनका कहना था कि भारतीय टीम के लिए भी जिस स्थिति में मौका मिलेगा, वे पूरी जिम्मेदारी के साथ उतरेंगे। उन्होंने इसे सही समय पर आई पारी बताया और भरोसा जताया कि आगे भी टीम को मैच जिता सकते हैं।
आत्मविश्वास की वापसी
तिलक की यह पारी सिर्फ 44 रनों की नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी का संकेत भी थी। दबाव के बीच संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए उन्होंने साबित किया कि वे सिर्फ टॉप ऑर्डर बल्लेबाज नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर फिनिशर की भूमिका भी निभा सकते हैं। अब टीम प्रबंधन को उनके लिए नई रणनीति बनाने का विकल्प मिल गया है, और तिलक ने यह जता दिया है कि वे हर चुनौती के लिए तैयार हैं।
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