इस साल भी बाबा बैद्यनाथ का डिजिटल दर्शन!, कोरोना के कारण कांवर यात्रा पर लगी रोक

कोविड-19 का असर इस वर्ष भी देवघर के प्रसिद्ध मंदिर बाबा बैद्यनाथ धाम में होने वाले श्रावणी मेले पर दिख रहा है। सरकार ने कांवर यात्रा पर रोक लगा रखी है, लेकिन जिला प्रशासन ऑनलाइन दर्शन की तैयारी में जुटी है। सावन आने में महज छह दिन बाकी है, ऐसे में श्रद्धालुओं की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। पिछले साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु ऑनलाइन व्यवस्था से बाबा के दर्शन कर सकेंगे और शामिल हो सकेंगे। ऑनलाइन दर्शन के लिए भी स्लॉट निर्धारित की जाती है, जिसे समय रहते बुक करना होता है। यदि स्लॉट की निर्धारित संख्या पूरी होने पर दूसरे दिन ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी। देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अभी तैयारी चल रही है। दो दिनों में झारखंड सरकार जो निर्णय लेगी उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।

साल 2019 में सावन की पहली सोमवारी पर बाबाधाम पहुंचने श्रद्धालुओं की संख्या 1.75 लाख थी। 2020 में कोरोना के कारण बाबाधाम में इंट्री पर रोक लग गई। प्रशासन ने ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था करवाई थी। 2020 में सावन की पहली सोमवारी पर ऑनलाइन दर्शन करने वालों की संख्या 2 लाख से भी ज्यादा पहुंच गई थी। जिला प्रशासन के मुताबिक सिर्फ देवघर डीसी के सोशल मीडिया पेज पर सोमवार शाम तक एक लाख से अधिक लोग बाबा का दर्शन कर चुके थे। यदि देवघर पीआरडी और राज्य सरकार की वेबसाइट तथा सोशल मीडिया पर दर्शन का आंकड़ा जोड़ें तो 2 लाख से भी ज्यादा लोगों ने सोमवार को बाबा के दर्शन किए।

कोरोना को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए बिहार-झारखंड और बंगाल बार्डर पर भी प्रशासन ने बैरिकेडिंग करने का निर्णय लिया है। खासकर सावन महीने में बाहरी श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर तक न पहुंच सके, इसके लिए मंदिर के चहुंओर सभी दरबाजे की बैरिकेडिंग की जाएगी। हालांकि, इस दौरान स्थानीय पुजारियों के द्वारा परंपरागत पूजा अर्चना जारी रहेगी। इधर, बाहरी श्रद्धालुओं को रोकने के लिए देवघर जिला में प्रवेश करने की सभी सीमा जैसे जमुई, बांका, गिरीडीह, दुमका के बार्डर पर चेकनाका लगाया जाएगा। बताया जाता है कि यहां से देवघर की सीमा में प्रवेश करने वालों को उचित कारण जैसे मेडिकल, शादी व्याह या अन्य प्रमाण देना होगा तभी प्रवेश मिलेगा।

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