हाथ के बल पहाड़ की 440 सीढ़ि‍यों से उतरता है ये शख्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

आम तौर पर एक इंसान हाथों के बल कुछ सीढ़ियां उतर या चढ़ सकता है लेकिन अगर कोई शख्स बिना गिरे पहाड़ की खतरनाक सी दिखने वाली 440 सीढ़ियों से हाथ के बल उतरे वो भी पूरे रफ्तार में तो आप क्या कहेंगे. जी हां एक ऐसा ही शख्स है बिहार के गया से जहां 17 साल के युवा ने अनोखा रिकॉर्ड बनाया है. गया के एक पुजारी के बेटे सुकांत कुमार पाठक ने अपने दोनों हाथों के बल पर गया के सबसे बड़े पहाड़ ब्रह्मयोनी पहाड़ के 440 खतरनाक सीढियों से नीचे उतर कर अपना नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज करा लिया है. अब उनका सपना है कि ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज कराएं, जिसके लिए वो लगातार कड़ी मेहनत कर रहे हैं. सुकांत कुमार पाठक विष्णुपद क्षेत्र के उपरडीह के रहने वाले सुनील पाठक के 17 वर्षीय पुत्र हैं. सुकान्त कुमार पाठक के पिता योगा के एक निजी शिक्षक है और साथ ही वह पूजा-पाठ भी करवाते हैं. सुकान्त कुमार पाठक ने गया जिले के सबसे बड़े पर्वत ब्रह्मयोनि पहाड़ के लगभग 440 खतरनाक सीढ़ियों से अपने दोनों हाथों के बदौलत तीन बार में नीचे उतर जाते हैं. इन खतरनाक सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए अच्छे-अच्छे लोगों की पसीने छूट जाते हैं, ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कोई अपने दोनों हाथों के बल पर नीचे कैसे उतर सकता है.

सुकान्त कुमार पाठक एक बार में 100 सीढ़ी उतर जाते हैं लेकिन 50 सेंकेण्ड में 53 सीढियां नीचे उतर कर सुकान्त ने ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में नाम दर्ज कराया है, अब उसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के किए 49 सेंकेण्ड में 50 सीढियां नीचे उतरनी है, जिसके लिये वो लगातार मेहनत कर रहे हैं. कुछ दिन पूर्व ही उनको इंडिया बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर प्रोत्साहन राशि, सर्टिफिकेट, मैडल व पेन दिया गया है. इसके लिए एक टीम भी आई थी. सुकान्त कुमार पाठक अपने घर की सीढ़ियों से भी अपने दोनों हाथों के बल पर नीचे उतरते हैं. सुकांत ने बताया कि 440 सीढियों से मैं तीन बार में अपने हाथों के बदौलत नीचे उतर गया हूं और एक बार में 100 सीढियां भी उतर जाता हूं लेकिन मुझे 50 सेकंड में 50 सीढ़ी नीचे उतारना था तो मैंने इसके लिए 1 मिनट 10 सेकंड का समय लिया था. इसके लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में मेरा नाम दर्ज कराया गया. उन्होंने बताया कि 50 सेकंड में 50 सीढियां उतरने का रिकॉर्ड विदेश के एक युवक का है जिसे मैं तोड़कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराना चाहता हूं. इसके लिए मैं तैयारी भी कर रहा हूं. सुकांत इसका सारा श्रेय अपने पिता सुनील पाठक, अपने गुरु प्रकाश कुमार और डांस टीचर शुभम श्रीवास्तव को देते हैं.

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