बिहार में सितंबर से नवंबर के बीच आएगी कोरोना की तीसरी लहर? विशेषज्ञों की सलाह पर तैयारी में जुटी सरकार

बिहार में कोरोना की तीसरी लहर सितंबर से नवंबर के बीच आने की आशंका है। हालांकि इसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ में मतभिन्नता है। यूनिसेफ, बिहार के स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर के आने में वायरस के संक्रमण के विस्तार के अतिरिक्त मानवीय व्यवहार भी काफी उत्तरदायी होगा। कोरोना संबंधी नियमों के पालन किए जाने से इसे टाला जा सकता है अन्यथा यह जल्द ही बिहार को अपनी गिरफ्त में ले लेगा। वहीं, दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग कोरोना की तीसरी लहर के सितंबर के बाद सामने आने की आशंका को लेकर तैयारियों में जुटा है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार इसके अनुसार अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पतालों तक में ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर सहित अन्य आवश्यक उपकरणों को लगाया जा रहा है।

वहीं, राज्य के छह जिलों में कराए गए सीरो सर्वे के परिणाम जुलाई के अंतिम सप्ताह में आने की संभावना है। राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से किए गए सीरो सर्वे के तहत राज्य से तीन हजार सैंपल एकत्र किए गए हैं। इनमें पहली बार छह वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को भी शामिल किया गया है। सूत्रों ने बताया कि सभी एकत्र किए गए सैंपल को केंद्र सरकार के निर्देशानुसार केंद्रीय लैब में जांच के लिए चेन्नई भेज दिया गया है। गौरतलब है कि देश के 70 जिलों में एक साथ सीरो सर्वे कराकर कोरोना संक्रमण के विरुद्ध विकसित प्रतिरोधक क्षमता के विकास का आकलन किया जा रहा है।

राज्य स्वास्थ्य समिति के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोविड पोर्टल को अबतक विकसित नहीं किया जा सका है। राज्य स्तरीय कोविड पोर्टल को विकसित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इस पोर्टल के माध्यम से कोरोना से संबंधित सभी आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाएगा। पटना उच्च न्यायालय ने कोविड पोर्टल को विकसित करने के लिए निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया है ताकि आमलोगों को कोरोना से संबंधित संपूर्ण जानकारी एक ही पोर्टल पर उपलब्ध हो सके।

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