4 साल बाद लौटी याददाश्त, ​​​​​​गंगा स्नान के दौरान खोया था मानसिक संतुलन, छठ करता देख सबकुछ याद आया

Spread the love

पटना के बेउर जेल में 4 साल से बच्चा चोरी के आरोप में बंद मानसिक संतुलन खोई महिला की याददाश्त वापस आ गई। याददाश्त आने के बाद महिला ने जब अपनी कहानी बताई तो सभी भौंचक रह गए। महिला की कहानी बिल्कुल फिल्मी है। ये कहानी है वैशाली जिले के बिदुपुर निवासी गायत्री देवी की है।

चार साल पहले 2017 में गायत्री अपने पूरे परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए पटना के गंगा घाट आई थी। गंगा स्नान के मेले की भीड़ में गायत्री देवी अपने परिवार से बिछड़ गई। परिवार से बिछड़ने के बाद अचानक ही उसकी याददाश्त चली गई। लेकिन जेल में लोगों को छठ करता देख उसे सबकुछ याद आ गया। इसके बाद रविवार को महिला की रिहाई हुई। गायत्री को उसके परिजन घर लेकर गए।

इसी दौरान वो भटककर पटना के बुद्धा कॉलोनी में पहुंची। वहां एक घर में घुस गई और खेल रहे बच्चे को गोद में लेकर खेलाने लगी। घर के लोगों ने उसे बच्चा चोर समझा और उसकी पिटाई करके पुलिस को सौंप दिया। बुद्धा कॉलोनी थाना ने गायत्री को साल 2017 में गिरफ्तार कर दफा 363 के तहत बच्चा चोरी के आरोप में बेउर जेल भेज दिया। तब से गायत्री बेउर जेल में बंद थी।

चार साल तक गायत्री जेल में बंद रही। इस साल छठ पूजा के दौरान उसकी याददाश्त वापस आने लगी। महिलाओं को छठ पूजा करता देख गायत्री फूट-फूटकर रोने लगी। इसके बाद जेल के डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती किया। इलाज के बाद गायत्री ने डॉक्टर को अपनी पूरी कहानी सुनाई तब मामला स्पष्ट हुआ।

महिला की पूरी कहानी जानने के बाद जेल प्रशासन की पहल पर गायत्री को बेल मिला। जेल प्रसाशन ने गायत्री के परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद रविवार को गायत्री के चाचा-चाची उसे अपने साथ ले गए। गायत्री के चाचा-चाची ने बताया कि- गायत्री के बिछड़ने के बाद उसके माता-पिता की कुछ ही दिनों बाद मौत हो गई। वहीं उसका एक भाई है, वो भी मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया। गायत्री देवी चार साल बाद अपने परिजनों से मिलकर काफी खुश हुई। और उनके साथ बिदुपुर ​​​​​​​अपने घर चली गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *