बिक्रम थानेदार का मामला विस में उठा, विधायक सिदार्थ ने पूछा-कहां हैं पटना SSP? क्यों बैठे हैं चुप

सुशासन की पुलिस की अपराधियों के सामने घिग्घी बंध जाती है। वही पुलिस आम पब्लिक के सामने अपने आप को तुर्रम खां साबित करने में जुट जाती है। पटना पुलिस का ऐसा ही  क्रूर चेहरा सामने आया है। पुलिस ने एक सरकारी कर्मी को थाने में 4 घंटे तक बिठाकर प्रताड़ित किया। मां-बहन की हजारों गालियां दी। पीड़ित का कसूर सिर्फ इतना ही था कि वह थाने में केस दर्ज कराने के लिए आवेदन लेकर पहुंचा था। पुलिस जब केस दर्ज करने का आवेदन लेने से इंकार कर दी तो पीड़ित सरकारी कर्मी केस दर्ज कराने की जिद पर अड़ गए। फिर क्या था…उस सरकारी कर्मी को थाने में बिठाकर भारी बेइज्जती की कई। विवाद बढ़ता देख और थाने में आत्मदाह की धमकी देने के बाद केस तो दर्ज हुआ लेकिन एक दरोगा की वजह से एक बार फिर से पटना पुलिस का दामन दागदार हो गया। अब यह मामला विस पहुंच गया है।

बिक्रम थानेदार पर कार्रवाई को लेकर लगातार आँदोलन जारी है। मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने सड़क पर उतर कर विरोध जताया। आज बिहार विधानसभा में भी बिक्रम थानेदार के अमानवीय कृत्य का मसला उठा। स्थानीय कांग्रेस विधायक सिदार्थ सौरव ने शून्यकाल के दौरान इस मसले को उठाया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मसला है। एक थानेदार आवेदको ही थाने में बंद कर मारपीट किया और उसे मुद्दई को ही मुद्दालय बना दिया। थानेदार गरीबों के साथ मारपीट करता है । बिहार विधानसभा में कांग्रेस विधायक ने पटना एसएसपी को पर भी आरोप लगाया है। उन्होंने पूछा कि कहां हैं पटना एसएसपी-जवाब क्यों नहीं देते। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले पर संज्ञान लिया और सरकार को इस मामले को तुरंत संज्ञान लेने को कहा।

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