बेतिया में झोला छाप डॉक्टर ने मामूली घाव का कर दिया ऑपरेशन, बेहोश बच्चे ने इसके बाद आंख नहीं खोली, हंगामा

बेतिया में एक झोला छाप डॉक्टर ने 4 साल के बच्चे को मामूली जख्म होने पर उसका ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के वक्त ही बच्चा बेहोश हो गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद डॉक्टर ने उसे दूसरे क्लिनिक भेज दिया। वहां जाने पर पता चला कि बच्चा तो मर चुका है। घटना गौंनाहा थाना के मौजे माधोपुर गांव की है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर की क्लिनिक पर बवाल कर दिया, जिसके बाद क्लिनिक से डॉक्टर फरार हो गया। आक्रोशित परिजनों ने 1 घंटे तक शव को रखकर अस्पताल में बवाल किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन, परिजन इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने पोस्टमार्टम करवाने के लिए शव नहीं दिया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस शव को कब्जे में ले पाई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

परिजनों ने बताया कि माधोपुर निवासी काजी मोहम्मद के इकलौते पुत्र मो. मुनीर (4 वर्ष) की पकड़ी विशौली गांव में एक प्राइवेट क्लिनिक में देर रात ऑपरेशन करने के बाद मौत हो गई। मृतक की मां हुस्नआरा खातून ने बताया कि मुनीर को पकड़ी विशौली गांव के एक प्राइवेट क्लीनिक में घाव दिखाने ले गई थी। उसके कमर के ऊपर घाव था। प्राइवेट क्लीनिक के डॉक्टर पी के मिश्रा ने बच्चे के घाव का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के दरम्यान ही बच्चा बेहोश हो गया। जब उसे थोड़ा सा होश आया तो वह लगातार खांसने लगा। इसके बाद डॉक्टर ने एक प्राइवेट क्लिनिक नरकटियागंज रेफर कर दिया। वहां के डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

मौत की खबर गांव में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने क्लिनिक पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल पर सेमरा थाना निवासी प्राइवेट क्लीनिक के कंपाउंडर कमल सरकार को हिरासत में ले लिया, लेकिन डॉक्टर मौके से फरार हो गया। इधर, मृतक के परिजन थाना पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम हेतु बेतिया भेजने को तैयार नहीं थे। इसके लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। थानाध्यक्ष राजीव नंदन सिन्हा ने बताया कि इस मामले में डॉक्टर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

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