किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं तेजस्वी, पूरे मामले की हो उच्चस्तरीय जांच- जेडीयू नेता नीरज कुमार

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बिहार विधान परिषद में सदस्य और जेडीयू नेता नीरज कुमार ने खाद घोटाले में एडी सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजद पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किये हैं।नीरज कुमार ने कहा है कि बिहार की विपक्ष पार्टी द्वारा उच्च सदन को कलंकित किया गया है और लालू यादव और तेजस्वी यादव को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।तेजस्वी यादव आये दिन किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं हम लालू और तेजस्वी यादव दोनों से पूछना चाहते हैं कि आपके द्वारा एक भष्टाचारी को उच्च सदन क्यों भेजा गया? राज्यसभा के नाम पर राजनीतिक खाद कौन लिया है इसका जवाब दें?

प्रवर्तन निदेशालय से की उच्चस्तरीय जांच की मांग-

जेडीयू नेता और बिहार विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने ईडी से मांग की है कि जिन तथाकथित नेताओं ने खाद घोटाले के आरोपी को राज्यसभा भेजा है उनकी भी जाँच होनी चाहिए इसमें कोई दोमत नहीं कि खाद घोटाले के आरोपी को राज्य सभा में नामांकित करने में बिहार के तथाकतित नेताओं द्वारा आर्थिक लेन-देन हुआ है यह पूरी तरह अनैतिक और असहनीय हैं। खाद घोटाले के आरोपी एडी सिंह इस कृत्य से पूरे बिहार का नाम देश में ख़राब हुआ है।

एडी सिंह लालू यादव के माने जाते हैं करीबी-

सूत्रों की माने तो एडी सिंह को लालू प्रसाद यादव का करीबी माना जाता है और उनके कहने पर ही उन्हें राज्यसभा भेजा गया है। उन्हें सांसद बनाने पर उठे सवालों का बचाव करते हुए तेजस्वी यादव ने उस समय कहा था कि आरजेडी सिर्फ मुस्लिमों और यादवों की ही पार्टी नहीं है। हमने सभी जातियों और धर्मों से आने वाले लोगों को प्रतिनिधित्व दिया है। पटना के रहने वाले एडी सिंह बिहार के बड़े कारोबारियों में से एक हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट एडी सिंह का फर्टिलाइजर और केमिकल्स का कारोबार है। इसके अलावा रियल एस्टेट सेक्टर में भी वह बड़ा दखल रखते हैं। उनका पूरा कारोबार दिल्ली से ही संचालित होता है।

क्या है पूरा मामला-

केंद्रीय जांच एजेंसी ने इफ्को के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में एक एफआईआर दर्ज करके 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी। एफआईआर में दुबई की कंपनी और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। उसमें अमरेंद्रधारी सिंह का भी नाम शामिल था, उस समय एडी सिंह दुबई स्थित मेसर्स ज्योति ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन खाद कंपनी में सीनियर वाईस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे। इस घोटाले में उनका नाम भी सामने आया था। दरअसल, इफ्को और इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी के खिलाफ मिली शिकायत के बाद सीबीआई की टीम ने छापेमारी कार्रवाई शुरू की थी। सब्सिडी के नाम पर भारत सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया था।

ऐसे किया गया फर्टिलाइजर घोटाला-

यह आरोप है कि इफ्को और इंडियन पोटाश लिमिटेड ने विभिन्न विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से फर्टिलाइजर के लिए भारी मात्रा में उर्वरक, जिसकी मात्रा कई हजार मीट्रिक टन है और कच्चा माल का आयात किया. ध्यान रहे कि भारत में किसानों को फर्टिलाइजर की आपूर्ति की जाती है और भारत सरकार किसानों को कम मूल्य पर फर्टिलाइजर की आपूर्ति की सुविधा देने के लिए छूट देती है यह भी आरोप है कि ज्यादा छूट के दावे से भारत सरकार को धोखा देने के लिए, इफ्को और इंडियन पोटाश लिमिटेड के कर्मी, दुबई में स्थित मैसर्स किसान इंटरनेशनल एफजेडई (इफ्को की एक सहायक कंपनी) और अन्य बिचौलियों के माध्यम से इफ्को के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और इंडियन पोटाश लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक सहित आरोपियों के लिए कमीशन को शामिल करते हुए उर्वरक और कच्चे माल का आयात ऊंची दर पर कर रहे थे.

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