पटना में STET छात्रों की पिटाई को तेजस्वी ने बनाया मुद्दा, सरकार को खूब सुनाया शिक्षा मंत्री भी आए सामने

बिहार में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसटीईटी पास करने वाले उम्मीदवारों को लेकर राजनीति गरमाते जा रही है. अपनी नियुक्ति, मेधा सूची में नाम सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को भारी संख्या में अभ्यर्थियों ने पटना में शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करने की कोशिश की. पटना के प्रतिबंधित इलाके में हो रहे इस विरोध प्रदर्शन को जब पुलिस ने रोकना चाहा तो वह अभ्यर्थियों ने उनकी एक नहीं सुनी इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. पटना में हुए इस लाठीचार्ज के बाद तुरंत ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे मुद्दा बना लिया.

तेजस्वी यादव ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घटना की ना केवल निंदा की बल्कि कहा कि यह लाठी वाली सरकार है जो छात्रों के खिलाफ तानाशाही रवैया अपना रही है. तेजस्वी ने कहा कि यह सरकार युवाओं का जीवन बर्बाद करने पर तुली हुई है. एक तरफ जहां रिजल्ट में मलयालम हीरोइन को पास करा दिया गया तो वहीं दूसरी ओर कई छात्रों के साथ गलत किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जनता से नीतीश कुमार को कुछ लेना देना नहीं है. वह चाहते हैं कि उनका सिर्फ जीवन आराम से निकल जाए, यही कारण है कि युवा जब अपना अधिकार मांग रहे हैं तो उन पर डंडा चलाया जा रहा है और नीतीश कुमार भीष्म पितामह बनकर बैठे हुए हैं.

तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने भी पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट किया. विजय चौधरी ने कहा कि बिहार में एसटीईटी अभ्यर्थियों को कुछ लोगों द्वारा गुमराह किया जा रहा है, जबकि यह पहले ही साफ किया जा चुका है कि उनकी पात्रता हमेशा बरकरार रहेगी. शिक्षा मंत्री ने फिर से दोहराया कि एसटीईटी परीक्षा जितने लोगों ने भी पास की है वो लोग शिक्षक बनने के लिए हकदार होंगे. उन्होंने कहा कि जो मेरिट लिस्ट निकाला गया है वह पात्रता का मेरिट लिस्ट था नियुक्ति का नहीं. शिक्षा मंत्री ने अपील करते हुए कहा कि अभ्यर्थी किसी भी तरह के बहकावे में नहीं आएं साथ ही दूसरे कारणों से कोई विवाद पैदा नहीं करें. उन्होंने कहा कि नियोजन इकाई के माध्यम से मेधा सूची बनाई जाएगी जिसके बाद शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. सातवें चरण की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद इन अभ्यर्थियों की उसमें नियुक्ति की जाएगी.

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