तेजप्रताप ने करीबी आकाश यादव से बात करना कर दिया था बंद, तब पारस और प्रिंस के कांटैक्ट में आए

छात्र नेता आकाश यादव ने राष्ट्रीय जनता दल में सबसे अधिक भरोसा तेजप्रताप यादव पर किया था। लेकिन, राजद में हुए बवाल के बाद उन्होंने भी साथ छोड़ दिया था। आकाश लालू प्रसाद के बड़े लाल और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के सबसे खास माने जाते थे। आकाश को उनका राइट हैंड कहा जाता था। महज 7 सालों के दरम्यान में ही दोनों के बीच के रिश्ते काफी मजबूत बन गए थे। 2013 के पटना यूनिवर्सिटी में हुए छात्र संघ के चुनाव के दरम्यान ही दोनों की मुलाकात हुई थी। तब से इनका एक रिश्ता बन गया था। इसी वजह से छात्र नेता आकाश यादव को राजद के छात्र प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। मगर, राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और तेज प्रताप यादव के बीच चल रहे वॉर का शिकार आकाश हो गए। 18 अगस्त को जगदानंद सिंह ने अपने पावर का इस्तेमाल करते हुए आकाश यादव को छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष के पद से ही हटा दिया। इसके बाद वो सिर्फ एक बार तेजप्रताप यादव से मिले। सारी बात बताई और फिर उसके बाद आज तक उनकी कोई बात नहीं है। लोकजनशक्ति पार्टी ज्वाइन करने से पहले और बाद में तेजप्रताप ने उन्हें कोई कॉल नहीं किया।

आकाश यादव अब केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के गुट वाली लोकजनशक्ति पार्टी के छात्र प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिए गए हैं। शुक्रवार को ही पशुपति कुमार पारस और प्रदेश अध्यक्ष प्रिन्स राज की मौजूदगी में लोजपा को ज्वाइन किया। शनिवार को पूरे प्रकरण पर इस छात्र नेता से बात की। राजद में उनके साथ हुए प्रकरण पर सवाल पूछा। जिसका आकाश यादव ने सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजद में कोई प्रकरण नहीं चल रहा था। एक प्री प्लान एजेंडा के तहत मुझे हटाया गया। हटाने के पीछे की एक बड़ी वजह है। आकाश यादव का दावा है कि छात्रों और युवाओं के बीच उनकी पकड़ जबरदस्त है। हमारी पहचान को जगदानंद सिंह और उनके लोग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। इसलिए उसे अचानक छीन लिया गया। राजद में मेरे मान सम्मान को ठेंस पहुंचाई गई।

लोक जनशक्ति पार्टी ज्वाइन करने से पहले क्या तेजप्रताप से कोई बात हुई थी? क्या इसकी उन्हें जानकारी दी? इन सवालों के जवाब में आकाश ने कहा कि वो एक युवा हैं। उन्हें अपने फैसले लेने का अधिकार है। इसके लिए हम पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। लोजपा सिद्धांतों की लड़ाई लड़ती आ रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस और प्रदेश अध्यक्ष प्रिन्स राज का हमें आर्शिवाद मिला। यहां हमें मान-सम्मान के साथ-साथ छात्र लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेवारी मिली। जब मन में लोजपा ज्वाइन करने का फैसला आया तो इस बारे में किसी को नहीं बताया। तेजप्रताप से भी कोई बात नहीं हुई। हां, लोजपा ज्वाइन के बाद बहुत सारे फोन कॉल बधाई देने के लिए आए। लेकिन, तेजप्रताप का कोई कॉल नहीं आया। अब मेरी प्राथमिकता जालसाजों से युवाओं को बचाना है। छात्रों और युवाओं को किसी के झांसे और झूठे वादों का शिकार नहीं होने देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *