T20 World Cup : टी20 विश्व कप की शुरुआत से पहले जिस ग्रुप सी को सबसे मुश्किल और रोमांचक माना जा रहा था, वह अब पूरी तरह बदल गया है। बांग्लादेश ने भारत में खेलने को लेकर आपत्ति जताई, जिसके बाद आईसीसी ने उसे टूर्नामेंट से हटाकर स्कॉटलैंड को जगह दे दी। बांग्लादेश उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में मजबूत टीम मानी जाती है, इसलिए उसके बाहर होने से ग्रुप की प्रतिस्पर्धा का संतुलन बदल गया है।
बांग्लादेश के हटने का सबसे बड़ा फायदा इंग्लैंड और वेस्टइंडीज को मिलता दिख रहा है। इंग्लैंड दो बार टी20 विश्व कप जीत चुकी है और इस बार टीम की कमान युवा कप्तान हैरी ब्रूक के हाथों में है।
T20 World Cup 7 फरवरी से शुरु
ब्रूक के नेतृत्व में इंग्लैंड पहली बार किसी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में उतर रही है। हालांकि हाल के वर्षों में टीम का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन बल्लेबाजी क्रम अभी भी बेहद मजबूत माना जा रहा है। इंग्लैंड के पास जोस बटलर, फिल साल्ट और बेन डकेट जैसे आक्रामक बल्लेबाज हैं, जो मैच का रुख पलटने में माहिर हैं। मध्यक्रम में हैरी ब्रूक और टॉम बैंटन तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। वहीं जैकब बेथेल जैसे ऑलराउंडर टीम को संतुलन देते हैं। हालांकि तेज गेंदबाजी विभाग में टीम थोड़ी कमजोर नजर आ सकती है, क्योंकि मार्क वुड चोटिल हैं और जोफ्रा आर्चर हाल ही में वापसी कर रहे हैं।
ऐतिहासिक मौका
नेपाल लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप में जगह बनाकर इतिहास रच चुका है। कप्तान रोहित पौडेल की अगुवाई में टीम बड़े आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने जा रही है। नेपाल का पहला मुकाबला इंग्लैंड से होगा, जिसे लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। क्रिकेट ढांचे की कमी से जूझने वाली इस टीम के लिए विश्व कप में भागीदारी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
वेस्टइंडीज भी दावेदारी में मजबूत
वेस्टइंडीज टी20 क्रिकेट की सबसे खतरनाक टीमों में गिनी जाती है। 2012 और 2016 में खिताब जीत चुकी यह टीम इस बार शाई होप की कप्तानी में खेल रही है। टीम के कई खिलाड़ी दुनिया की टी20 लीग में खेलने का अनुभव रखते हैं, जिससे उन्हें भारतीय परिस्थितियों का अच्छा ज्ञान है। शेरफान रदरफोर्ड जैसे खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं, जिससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।
सरप्राइज पैकेज
इटली पहली बार टी20 विश्व कप में खेल रही है और उसकी सफलता में विदेशी कोचिंग स्टाफ की अहम भूमिका रही है। वहीं स्कॉटलैंड को बांग्लादेश के हटने के बाद मौका मिला है। हालांकि, दोनों टीमों को कमजोर मानना बड़ी भूल हो सकती है। क्रिकेट के छोटे प्रारूप में किसी भी दिन उलटफेर संभव है और ये टीमें बड़े मुकाबलों में चौंकाने की क्षमता रखती हैं। अब ग्रुप सी में अनुभव और युवा जोश का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा।
जहां इंग्लैंड और वेस्टइंडीज मजबूत दावेदार हैं, वहीं नेपाल, स्कॉटलैंड और इटली भी अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं। ऐसे में यह ग्रुप अब भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच और अनिश्चितता से भरा रहने वाला है।
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