Madhyapradesh News:- मध्यप्रदेश के धार जिले में ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर विवाद मच गया। भोजशाला का यह विवाद इतना बड़ा था कि यह सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है। मामला यह है कि भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों में पूजा और नमाज को लेकर हंगामा मच गया है। हिंदुओं का कहना है कि उन्हें पूजा के लिए समय दिया जाए और अनुमति दी जाए तो वही मुस्लिमो का कहना है कि उन्हें नमाज के लिए समय और अनुमति दी जाए।
हिन्दू मुस्लिम विवाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद फैसला लिया कि पूजा और नमाज के लिए अलग-अलग समय तक किया जाएगा। जिसके अनुसार हिंदू धर्म के लोग अलग समय पर पूजा करेंगे तो वही मुस्लिम लोग अलग समय पर नमाज पड़ सकेंगे। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है?
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
हिंदू और मुस्लिम लोगों के बीच मचे इस विवाद को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि बसंत पंचमी पर भोजशाला में सरस्वती पूजा और नमाज पढ़ने के लिए दोनों पक्षों को एक साथ स्थान देने और पूजा और नमाज पढ़ने की मंजूरी मिल चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से किए गए इस फैसले में मुस्लिम समुदाय को 1:00 से लेकर 3:00 तक नमाज पढ़ने की अनुमति दी इसके साथ ही प्रशासन से परिसर में बैरिकेड और अलग-अलग प्रवेश निकास की व्यवस्था करने को लेकर आदेश दे दिए हैं।
हिंदू मुस्लिम में मचा विवाद
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की तरफ से कोर्ट में दर्ज की गई याचिका में आने वाली बसंत पंचमी को भोजशाला में हिंदू धर्म के लोगों को सरस्वती माता की पूजा करने की अनुमति देने और मुस्लिम समुदाय को नमाज ना पढ़ने देने की मांग की गई थी। इसके बाद इस याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच में हिंदू पक्ष को बसंत पंचमी के दिन पूरे दिन पारंपरिक अनुष्ठान करने को लेकर अनुमति दी वहीं मुस्लिम समुदाय को नमाज के समय 1:00 बजे से लेकर 3:00 बजे तक स्थान देने के आदेश दे दिए हैं। ऐसे में मुस्लिम और हिंदू समुदाय को भोजशाला में अलग-अलग पंडाल लगाकर अलग-अलग स्थान दिए जाएंगे जिससे कि हिंदू धर्म अपनी पूजा कर सके और मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी नमाज पढ़ सके।
खुर्शीद ने रखी अपनी बात
मुस्लिम समुदाय की तरफ से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने दलील पेश की जिसमें उन्होंने कहा कि वसंत पंचमी शुक्रवार को आ रही है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने हिंदू पक्ष को 3 घंटे तक पूजा करने की अनुमति दे दी है। ऐसे में उनका कहना है कि ऐसा ही दोबारा दोहराया जाए जिससे कि मुस्लिम समुदाय दोपहर 1:00 से लेकर 3:00 तक अपनी नमाज़ पढ़े और यहां से जगह खाली कर दें। मुस्लिम समुदाय के वकील सलमान खुर्शीद का कहना है कि हम एक न्यूनतम समय मांग रहे हैं और खुशी से समायोजन करने को भी तैयार है। इतना ही नहीं उनका कहना है की पूजा तो बाहर भी जारी रह सकती है। पूजा के लिए स्थान बाहर भी दिया जा सकता है।
हिंदू पक्ष की दलील
हिंदू पक्ष की तरफ से पेश हुए वकील का कहना है की पूजा का मुहूर्त केवल 1:00 तक है और मुस्लिम हिंदुओं को अनुमति दे सकते हैं। वही याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि वसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक होती है उनका सुझाव है कि हिंदू धर्म को पूरे दिन का समय दिया जाए इसके बाद 5:00 तक वह जगह खाली कर देंगे। इसके बाद मुस्लिम पक्ष 5:00 बजे के बाद अपनी नमाज पढ़ सकते हैं।
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