Summer : रविवार से लागू हुए समर शेड्यूल में इस बार घरेलू उड़ानों की संख्या में कमी देखने को मिली है। पिछली गर्मियों के मुकाबले करीब 12 फीसदी कम उड़ानें तय की गई हैं। इस फैसले के पीछे एविएशन सेक्टर में संतुलन बनाए रखने की कोशिश बताई जा रही है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo के अनुमानों को लेकर अधिकारियों ने इस बार सख्त रुख अपनाया। एयरलाइन ने हर हफ्ते एक नया विमान मिलने का अनुमान लगाया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे तुरंत मंजूरी नहीं दी और ठोस आधार मांगा।
एविएशन अधिकारियों ने साफ कहा कि उड़ानों के लिए आवेदन तभी किया जाए, जब एयरलाइन के पास पर्याप्त विमान और संसाधन हों। इसमें पायलटों की उपलब्धता भी शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि बिना तैयारी के उड़ानों की संख्या बढ़ाना जोखिम भरा हो सकता है।
Summer के शेड्यूल में घटी उड़ानें
अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल की स्थिति को देखते हुए इस बार सतर्कता बढ़ाई गई है। उनका मानना है कि पहले जो दिक्कतें आई थीं, उन्हें दोहराने से बचना जरूरी है। इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाया जा रहा है। सिर्फ इंडिगो ही नहीं, बल्कि बाकी एयरलाइनों ने भी इस बार अपनी उड़ानों की संख्या कम रखी है। सभी कंपनियां फिलहाल स्थिति को समझते हुए सीमित संचालन पर ध्यान दे रही हैं, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
आगे बढ़ सकती हैं उड़ानें
अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या स्थायी नहीं है। जैसे-जैसे एयरलाइंस अपनी क्षमता साबित करेंगी, उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार बदलाव होंगे। पिछले साल Directorate General of Civil Aviation (डीजीसीए) ने 25,610 साप्ताहिक घरेलू उड़ानों को मंजूरी दी थी, जो 2024 की गर्मियों के मुकाबले ज्यादा थीं। लेकिन इस बार यह संख्या करीब 3,000 कम रहने का अनुमान है।
एविएशन सेक्टर में स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि सीमित लेकिन व्यवस्थित उड़ान संचालन से यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी और एयरलाइनों को भी अपने संसाधनों का सही उपयोग करने का मौका मिलेगा।
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