Smart Meter : देश के कई राज्यों में पुराने बिजली मीटर की जगह अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके बिजली बिल पहले के मुकाबले ज्यादा आने लगे हैं। ऐसे में लोग समझ नहीं पा रहे कि खपत कैसे कम करें और खर्च पर कैसे काबू पाएं। घर में कई ऐसे उपकरण होते हैं जो बंद दिखते हैं, लेकिन प्लग में लगे रहने से बिजली खपत करते रहते हैं। टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, मोबाइल चार्जर जैसे डिवाइस इसका बड़ा उदाहरण हैं। अगर इनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है तो इन्हें पूरी तरह बंद करना या प्लग निकालना बेहतर रहता है। इससे धीरे-धीरे होने वाला अनावश्यक खर्च रोका जा सकता है।
स्मार्ट मीटर के साथ मोबाइल ऐप की सुविधा मिलती है, जिससे आप अपनी बिजली खपत को रियल-टाइम में देख सकते हैं। इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन सा उपकरण ज्यादा बिजली ले रहा है।
Smart Meter से बढ़ रहा बिल?
अगर किसी डिवाइस की खपत ज्यादा दिखे तो उसके इस्तेमाल का समय कम किया जा सकता है और गैर-जरूरी चीजों को बंद किया जा सकता है। कुछ राज्यों में बिजली की दरें समय के हिसाब से बदलती हैं। ऐसे में वॉशिंग मशीन, गीजर और पानी की मोटर जैसे भारी उपकरणों को कम रेट वाले समय पर चलाना फायदेमंद होता है। सही समय का चुनाव करने से बिजली का बिल काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ओवरलोड से बचना है जरूरी
हर घर के लिए एक तय बिजली लोड निर्धारित होता है। अगर इससे ज्यादा लोड इस्तेमाल किया जाता है तो स्मार्ट मीटर तुरंत अलर्ट या पेनल्टी लगा सकता है इसलिए एक साथ ज्यादा बिजली खपत वाले उपकरण चलाने से बचें और अपने निर्धारित लोड के अनुसार ही इस्तेमाल करें। स्मार्ट मीटर ऐप में कई उपयोगी फीचर्स दिए जाते हैं, जैसे डेली या मंथली बजट सेट करना, खपत पर अलर्ट और लो बैलेंस की जानकारी। इन फीचर्स को चालू रखने से समय रहते पता चलता रहता है कि कितना खर्च हो रहा है। इससे आप पहले ही सावधान होकर बिजली बिल को नियंत्रण में रख सकते हैं।
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