Share Market : मंगलवार की सुबह भारतीय मुद्रा के लिए भारी साबित हुई। शुरुआती कारोबार में ही रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। बाजार खुलते ही रुपये पर दबाव साफ दिखा और कुछ ही देर में यह 91.03 के स्तर तक लुढ़क गया। यह अब तक का सबसे कमजोर स्तर माना जा रहा है, जिसने वित्तीय बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि रुपये की यह गिरावट अचानक नहीं आई है।
बीते दो कारोबारी सत्रों से इसमें लगातार कमजोरी देखी जा रही है। सोमवार को भी भारतीय मुद्रा 90.74 के स्तर पर बंद हुई थी, जो अपने आप में एक नया निचला रिकॉर्ड था। सिर्फ एक दिन में 25 पैसे की गिरावट ने संकेत दे दिया था कि बाजार में बेचैनी बनी हुई है, जो मंगलवार को और गहरा गई।
Share Market: वॉशिंगटन का टैरिफ दबाव
इस कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका से जुड़ा व्यापारिक दबाव माना जा रहा है। वॉशिंगटन की ओर से टैरिफ को लेकर बनी सख्त स्थिति ने भारत के निर्यात और व्यापार संभावनाओं पर असर डाला है। ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है, जिसका सीधा असर रुपये पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूत स्थिति भी रुपये की परेशानी बढ़ा रही है। वैश्विक स्तर पर निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर डॉलर की ओर झुक रहे हैं। इसके साथ ही, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी भारतीय मुद्रा को दबाव में डाल दिया है। पूंजी का बाहर जाना रुपये के लिए दोहरी चुनौती बन गया है।
RBI की नजर और रणनीति
रुपये की चाल इस समय घरेलू कारणों के साथ-साथ वैश्विक हालात से भी प्रभावित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार तनाव, महंगाई से जुड़े आंकड़े और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की नीतियां बाजार की दिशा तय कर रही हैं। ऐसे माहौल में निवेशक सतर्क हैं और हर संकेत पर करीबी नजर रख रहे हैं। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये की तेज चाल को थामने की कोशिश की जा सकती है। केंद्रीय बैंक का फोकस फिलहाल यह है कि उतार-चढ़ाव ज्यादा न बढ़े और बाजार में स्थिरता बनी रहे।
विदेशी निवेशकों की बड़ी निकासी
इस साल अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से 18 बिलियन डॉलर से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं। यह अब तक के सबसे बड़े सालाना आउटफ्लो की ओर इशारा कर रहा है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही करीब 0.4 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, जिससे बाजार की चिंता और गहरी हो गई।
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