Uttarpradesh News:- गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध का शंखनाद करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा घोषणा की गई कि धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य चतुरंगिणी सी तैयार करेंगे जो संत समाज में व्याप्त और अशास्त्रीयता और अधर्म को दूर करने का कार्य करेगी। उनका कहना है कि धार्मिक समाज में धर्मनिरपेक्ष शपथ नहीं बल्कि धर्म की शपथ ही चलेगी और अगर परिस्थितियों बनी तो फिर शस्त्र उठाने से भी परहेज नहीं होगी। अगर जरूरत पड़ेगी तो वह शास्त्र जरुर उठाएंगे।
देशभर से जूटे कई संत
काशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर बुधवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम के दौरान देशभर से संत जुटे हैं। संत धर्माचार्य और गौ रक्षको संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहां की साधु समाज में भी विकृतियों आ रही है। अखाड़ा परिषद के बहुत से महंत और साधुओं का कहना है कि हम मुख्यमंत्री के साथ है और शंकराचार्य के साथ नहीं है इस पर उन्होंने कहा कि जब अखाड़े हमारे साथ नहीं है तो हम अपनी अलग सेना तैयार करेंगे।
शंकराचार्य चतुरंगिनी सेना की करेंगे स्थापना
उन्होंने कहा कि हम शंकराचार्य चतुरंगिणी की स्थापना करने वाले हैं। शंकराचार्य का कहना है कि दोहरा चरित्र किसी संन्यासी या योगी का नहीं हो सकता ऐसा संभव ही नहीं है। शंकराचार्य ने प्रयागराज में माघ मेले में हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वेद पढ़ने वाले बटुक क्या लाठी और आपके जूते के योग्य थे जो उनके साथ अन्याय किया गया। उन्होंने आगे कहा कि जनता को आगाह किया कि कसाई ही हत्यारा नहीं बल्कि गौवध की अनुमति देने वाला और मौन रहने वाला भी इस पाप का भागीदारी है।
समग्र गविष्ठी गौयुद्ध यात्रा होगी शुरू
शंकराचार्य का कहना है कि समग्र गविष्ठी को युद्ध यात्रा शुरू होने वाली है। इस यात्रा को 3 में से लेकर 23 जुलाई तक चलाया जाएगा। इतना ही नहीं यह यात्रा आरंभ गोरखपुर से होगी और गोरखपुर में ही संपन्न की जाएगी। इसके बाद 24 जुलाई को फिर से कांशीराम स्मृति स्थल पर बड़ी सभा होगी।
सनातन की रक्षा का लेना होगा संकल्प
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि सनातन के सुप्रीम कोर्ट है शंकराचार्य। गौमाता की रक्षा के साथ हमें सनातन की रक्षा का भी संकल्प लेना होगा और उसकी रक्षा करनी होगी।
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