Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में शुक्रवार को मां दुर्गा मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसे पूरी तरह महिलाओं को समर्पित रखा गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचीं हजारों महिलाओं ने इस ऐतिहासिक अवसर की साक्षी बनकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। इस दौरान यज्ञशाला में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान भी संपन्न कराए गए। आयोजन में मौजूद संतों और श्रद्धालुओं ने इसे राम जन्मभूमि परिसर के इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी प्रमुख संत साध्वी ऋतंभरा और केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मां दुर्गा मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही परिसर जय माता दी और जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
Ayodhya Ram Mandir
राम मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 3600 महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। इनमें विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रही। सभी आमंत्रित महिलाओं के लिए विशेष प्रवेश व्यवस्था की गई थी। आयोजन को महिला शक्ति और सनातन परंपरा में उनके योगदान के सम्मान के रूप में देखा गया। इस विशेष आयोजन में सुरक्षा और व्यवस्था की कमान भी महिलाओं के हाथों में रही। सीआरपीएफ की महिला बटालियन ने अतिथियों के स्वागत से लेकर सुरक्षा प्रबंधन और मार्गदर्शन तक की जिम्मेदारी संभाली। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
साध्वी ऋतंभरा ने नारी जागरण का दिया संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसी पीढ़ी तैयार करनी होगी जो अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के प्रति जागरूक हो। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं। अपने संबोधन में साध्वी ऋतंभरा ने गौ संरक्षण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है और समाज को इस विषय के प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थलों और परंपराओं के संरक्षण को लेकर भी अपनी बात रखी। भाषण के दौरान उन्होंने कई बार भावुक होकर आंदोलन से जुड़े संघर्षों और बलिदानों का उल्लेख किया।
करसेवकों के योगदान को किया याद
राम मंदिर आंदोलन के लंबे संघर्ष का जिक्र करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने उन लोगों को याद किया जिन्होंने इस आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वर्षों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद आज रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। उन्होंने महिलाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने आधुनिक जीवनशैली और बच्चों में बढ़ती मोबाइल निर्भरता पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार संस्कार, अनुशासन और आत्मनिर्भरता जैसे गुण बचपन से ही विकसित किए जाने चाहिए ताकि नई पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सके।
परकोटे के छह मंदिरों में ध्वजारोहण की श्रृंखला जारी
राम जन्मभूमि परिसर के परकोटे में निर्मित विभिन्न पूरक मंदिरों में ध्वजारोहण का क्रम लगातार जारी है। इससे पहले अन्नपूर्णा मंदिर, सूर्य मंदिर, हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर और शिव मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराई जा चुकी है। अब मां दुर्गा मंदिर पर यह अनुष्ठान संपन्न हुआ है। ट्रस्ट के अनुसार अगले चरण में शेषावतार मंदिर पर भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। धर्म ध्वजारोहण समारोह को राम जन्मभूमि परिसर के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हजारों महिलाओं की उपस्थिति, संतों का मार्गदर्शन और वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ यह आयोजन अयोध्या के धार्मिक इतिहास में एक विशेष स्थान रखेगा। आयोजन के माध्यम से नारी शक्ति, सनातन परंपरा और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी व्यापक स्तर पर प्रसारित हुआ।
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