Rajya Sabha Election 2026 : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अब राज्यसभा की 10 सीटों ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने यूपी और उत्तराखंड की 11 सीटों के द्विवार्षिक चुनाव के साथ पश्चिम बंगाल की एक खाली सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 16 अक्टूबर को होगा। सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश पर रहेगी, क्योंकि यहां एक साथ 10 सीटों का फैसला होना है। मौजूदा विधानसभा के संख्या बल के आधार पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों के लिए उम्मीदवारों का चयन और अतिरिक्त वोटों का प्रबंधन महत्वपूर्ण रहेगा।
अभी जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम से जुड़ी सीटें भी शामिल हैं। ऐसे में 2027 की मुख्य लड़ाई से पहले राज्यसभा का यह मुकाबला यूपी में सत्ता और विपक्ष के मौजूदा संख्या बल की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक तस्वीर पेश करेगा।
Rajya Sabha Election 2026
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे और 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक समाप्त की जानी है। उत्तर प्रदेश में अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, रामगोपाल यादव, रामजी गौतम, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है।
Election Commission announces Biennial Elections in Uttar Pradesh (10 seats) and Uttarakhand (1 seat) and a by-election in West Bengal.
Date of poll: October 16, 2026
Date of counting of votes: October 16, 2026 pic.twitter.com/x4FLUlNPTr— ANI (@ANI) September 22, 2026
इसके अलावा डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट को भी चुनाव में शामिल किया गया है। शर्मा ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दिया था।
उत्तराखंड में नरेश बंसल की सीट पर मुकाबला
उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर भी 16 अक्टूबर को चुनाव होगा। यहां बीजेपी सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। बंसल नवंबर 2020 में राज्यसभा पहुंचे थे। उत्तराखंड से फिलहाल नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट और कल्पना सैनी राज्यसभा सदस्य हैं। पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर इसी दिन उपचुनाव कराया जाएगा। यह सीट तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उनका कार्यकाल अप्रैल 2032 तक था। इसलिए इस सीट पर चुने जाने वाले सदस्य को बाकी बचा कार्यकाल मिलेगा।
यूपी के नंबर गेम पर सबसे ज्यादा नजर
इस चुनाव का सबसे दिलचस्प राजनीतिक मुकाबला उत्तर प्रदेश में रहने वाला है। राज्यसभा चुनाव में आम मतदाता नहीं, बल्कि विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। इसलिए किस दल के पास कितने विधायक हैं और उम्मीदवारों की संख्या कितनी रहती है, उसी आधार पर सीटों का गणित बनेगा। बसपा के पास वर्तमान विधानसभा में अपना विधायक नहीं होने के कारण उसकी स्थिति पिछली बार के मुकाबले अलग है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब बीजेपी और समाजवादी पार्टी की नजर उम्मीदवारों के चयन पर रहेगी।
कई मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, इसलिए किसे दोबारा मौका मिलेगा और किन नए चेहरों को राज्यसभा भेजा जाएगा, इस पर सियासी नजरें रहेंगी। 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन का दौर शुरू होगा और इसके साथ ही यूपी में 2027 से पहले राज्यसभा की यह नई राजनीतिक लड़ाई पूरी तरह खुलकर सामने आ जाएगी।
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