Rahul Gandhi : केंद्र सरकार का आम बजट पेश होने के बाद सोमवार को संसद में उस पर चर्चा शुरू हुई, लेकिन बहस जल्दी ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बजट को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए अपनी बात रखी। उनकी टिप्पणी के साथ ही सदन का माहौल गरमा गया और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच शोरगुल बढ़ता चला गया। अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने चीन से जुड़े सीमा मामलों का जिक्र किया और दावा किया कि चीनी सेना भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रही है।
यह बयान आते ही सदन में हंगामा तेज हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई, जबकि विपक्ष ने राहुल गांधी के समर्थन में आवाज उठाई। देखते ही देखते बजट चर्चा पीछे छूट गई और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा केंद्र में आ गया।
Rahul Gandhi का बयान
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे गंभीर आरोप बिना ठोस साक्ष्यों के नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई दावा किया जा रहा है तो उसे प्रमाणों के साथ सदन के सामने रखा जाए। इस बयान के बाद सदन में तालियां और विरोध, दोनों सुनाई दिए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री हमारी पार्टी, पार्टी नेताओं और हमारे राष्ट्रवाद पर सवाल उठाते हैं। यह लेख पीएम के चरित्र के बारे में लिखता है… यह न तो चीन के बारे में है, न ही पीएम के बारे में…”
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला… pic.twitter.com/EVud3udWcw
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026
राहुल गांधी और राजनाथ सिंह के बीच हुई बहस ने सदन का तापमान और बढ़ा दिया। दोनों पक्षों के सांसद अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर प्रतिक्रिया देने लगे। अमित शाह ने भी हस्तक्षेप करते हुए राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज किया और सरकार की नीति व रुख का बचाव किया। कुछ देर के लिए कार्यवाही बाधित होती नजर आई।
बजट चर्चा पर सियासत का असर
इस पूरे घटनाक्रम में बजट के आर्थिक पहलुओं पर चर्चा सीमित रह गई। विपक्ष जहां राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मुद्दे उठाने पर अड़ा रहा, वहीं सरकार का कहना था कि बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में है। दोनों पक्षों की तनातनी के बीच सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। संसद में जिस तरह से बहस का रुख बदला, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में बजट के साथ-साथ सुरक्षा और विदेश नीति भी राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बने रहेंगे। सरकार और विपक्ष, दोनों ही अपने-अपने रुख पर कायम दिख रहे हैं।
लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं चाहता हूं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता (राहुल गांधी) वह किताब सदन के सामने पेश करें, जिससे वह कोट कर रहे हैं, क्योंकि जिस किताब का वह ज़िक्र कर रहे हैं, वह पब्लिश नहीं हुई है।” pic.twitter.com/X9Tr2Umaas
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026
यह होगा असर
संसद में बजट चर्चा के दौरान इस तरह के तीखे राजनीतिक टकराव कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन जब आर्थिक बहस के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे सामने आते हैं, तो माहौल और संवेदनशील हो जाता है। इससे एक ओर सरकार को अपनी नीतियों का बचाव करना पड़ता है, वहीं विपक्ष को जनता के सामने अपनी भूमिका मजबूत करने का मौका मिलता है। आने वाले सत्रों में यह देखना अहम होगा कि बहस नीति और तथ्यों पर केंद्रित रहती है या फिर राजनीतिक बयानबाजी हावी रहती है।
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