Rahul Gandhi : शुक्रवार 9 जनवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई उनकी पोस्ट ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी। राहुल गांधी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए बीजेपी सरकारों को कटघरे में खड़ा किया और इसे आम जनता के लिए नुकसानदेह बताया। राहुल गांधी ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उसे “भ्रष्ट जनता पार्टी” करार दिया।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकारों ने जनता की जिंदगी मुश्किल बना दी है। उनके मुताबिक सत्ता के दुरुपयोग और अहंकार ने बीजेपी की राजनीति को जकड़ लिया है, जहां गरीब, मजदूर और मध्यमवर्ग सिर्फ आंकड़ों तक सीमित होकर रह गए हैं।
Rahul Gandhi ने साधा निशाना
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की हत्या का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी, लेकिन आज भी असली सवाल अनुत्तरित हैं। उन्होंने पूछा कि सत्ता का संरक्षण आखिर किसे बचा रहा है और कानून सबके लिए बराबर कब होगा। उत्तर प्रदेश के उन्नाव बलात्कार कांड को उठाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में अपराधियों को बचाया गया। उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि पीड़िता को न्याय पाने के लिए कितनी भारी कीमत चुकानी पड़ी।
इंदौर में जहरीला पानी पीने से हुई मौतों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है। गुजरात, हरियाणा और दिल्ली तक दूषित पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आम लोग बीमारियों के डर में जी रहे हैं।
प्राकृतिक संसाधनों की लूट का आरोप
राजस्थान की अरावली से लेकर अन्य क्षेत्रों तक राहुल गांधी ने प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां बड़े पूंजीपतियों का स्वार्थ पहुंचा, वहां नियमों को ताक पर रख दिया गया। पहाड़ काटे जा रहे हैं, जंगल उजाड़े जा रहे हैं और जनता को बदले में प्रदूषण और आपदाएं मिल रही हैं। सरकारी अस्पतालों, स्कूलों और बुनियादी ढांचे की बदहाली पर राहुल गांधी ने कहा कि यह महज लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार की सीधी मार है। पुल गिरना, सड़कें धंसना और ट्रेन हादसों में परिवारों का उजड़ना इसी का नतीजा है।
राहुल गांधी ने अंत में कहा कि डबल इंजन सरकार सिर्फ चुनिंदा लोगों के लिए चल रही है। आम भारतीय के लिए यह विकास नहीं बल्कि तबाही की रफ्तार बन चुकी है, जो हर दिन किसी न किसी की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।
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