सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर से माफी मांगे राहुल और प्रिंयका: भाजपा

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हॉलीवुड की पॉप गायिका रिहाना के एक ट्वीट से पूरे देशभर में बवाल मच गया। दरअसल, भारत में हो रहे किसान अंदोलन को लेकर उन्होंने ट्वीट किया और ये कहा कि हम इसके बारे में क्यों नहीं बात कर रहे हैं और साथ ही किसानों का प्रर्दशन करते हुए एक तस्वीर भी साझा की थी। जिसके बाद ताबड़तोड़ हस्तियों के तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई। इसी कड़ी में भारत रत्न से सम्मानित जब लाता मंगेशकर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भारत के सर्मथन में ट्वीट किया और अतंरराष्टिय हस्तियों को भारत के अंतारिक मामलों से दूर रहने की सलाह दी। जिस पर महाराष्ट सरकार ने उनके ट्वीटस को जाँच करने का आदेश दिया, कि कहीं उन्होंने मोदी सरकार के कहने पर तो ये ट्वीटस नहीं किया।

लेकिन जाँच के आदेश के बाद से जुबानी जंग काफी तेज हो गए हैं। जहाँ एक ओर महाराष्ट्र की सासंद ने लता मंगेशकर, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के पक्ष में कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, यहाँ जब मन लोग अपनी राय रख सकते हैं, तो वहीं भाजपा नेता रामकदम ने इसको लेकर के कांग्रेस पर हमला बोला है। दरअसल, उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी किसान आंदोलन मुद्दे को लेकर भारत रत्न से सम्मानित लोगों से माफी मांगे। बता दें, महाराष्ट्र सरकार ने यह कार्रवाई कांग्रेस की शिकायत के बाद शुरू की थी।

भाजपा नेता रामकदम ने ट्वीट कर लिखा है कि ‘राहुल गांधी और सोनिया गांधी से अनुरोध है कि वह भारत रत्न से सम्मानित सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर से माफी मांगे और छवि को धूमिल को करने वाले प्रयासों को रोके।’ उन्होंने इसी के साथ-साथ एक पत्र भी शेयर किया है जिसमें लिखा है कि ‘सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर जैसे हमारे भारत रत्न की छवि खराब करने के लिए कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ओर से रणनीतिक कोशिश की गई है। ये किंवदंतियां हैं और इस देश की अत्यंत ईमानदारी के साथ सेवा की है। इस देश के प्रति उनकी भक्ति को कभी भी कम नहीं आंका जा सकता है।’

पत्र में कहा गया है, “दुर्भाग्य से, कई कांग्रेसी नेता इन दिग्गजों की छवि खराब करने में लगे हुए हैं।” भाजपा नेता ने पत्र में कहा कि “विदेशी सितारों के समर्थन के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल करने के लिए विपक्षी दलों द्वारा भयावह प्रोपेगेंडा का उजागर हुआ है। जब देश की छवि ऐसे लोगों द्वारा बनाई गई है, जिनके पास हमारी भूमि के बारे में कोई सुराग नहीं है, तो यह हमारी किंवदंतियां हैं जो एकजुट रुख अपनाने के लिए आगे आए हैं।”

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