बिहार में ‘लॉकडाउन’ पर सियासत

Spread the love

बिहार में एक जून तक सरकार ने लॉकडाउन लगा रखा है। लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाए या नहीं। इसको लेकर विपक्षी पार्टियों में कांग्रेस लॉकडाउन को बढ़ाने के पक्ष में है। जबकि RJD की मांग है कि सरकार विशेषज्ञों के साथ सभी पार्टियों की बैठक बुलाए। माले का कहना है कि सरकार को लॉकडाउन से ज्यादा वैक्सीनेशन पर ध्यान करना चाहिए। माले भी सर्वदलीय बैठक की मांग कर रही है।

विशेषज्ञों के साथ सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार-
RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भास्कर से बातचीत में कहा कि सरकार को सर्वदलीय बैठक विशेषज्ञों के साथ करनी चाहिए। इसके बाद लॉकडाउन पर फैसला लेना चाहिए। अब तो सरकार सूचना इकट्ठा करने पर भी रोक लगा रही है। सरकार को इस बात का ख्याल हर हाल में रखना चाहिए कि लोगों को भूखे न सोना पड़े और रोजगार न छिना जाए। सरकार के पास किसी चीज का सही आंकड़ा ही नहीं है।

सर्वदलीय बैठक बुलाना चाहिए-
माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ाने से क्या होगा? वियतनाम में नया वेरिएंट आ गया। वह इंग्लैंड और इंडिया के वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक है। इसलिए बिहार सरकार को ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण करना चाहिए और बाकी व्यवस्था करनी चाहिए। लॉकडाउन बढ़ाना जायज नहीं है। सरकार को सभी पार्टियों की बैठक बुलाकर आगे का फैसला लेना चाहिए। सरकार ने इसको निजी मामला बना लिया है। एक बार राज्यपाल ने सर्वदलीय बैठक बुलायी थी उसके बाद कोई सर्वदलीय बैठक नहीं हुई। कहा कि अनडेमोक्रेटिक सरकार है। समावेशी फैसला नहीं ले रही है।

मरीजों की संख्या लॉकडाउन से घटी-
कांग्रेस ने मांग की है कि लॉकडाउन को आगे जारी रखा जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद मिश्रा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुमार से अपील करते हुए कहा है कि बिहार में संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी के पीछे किसी चिकित्सा या अस्पताल का योगदान नही बल्कि लॉकडाउन एक बड़ी वजह है जिसे अभी आगे भी जारी रखना उचित होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.