औरंगाबाद के व्यवसायी को चालक समेत अगवा करने का मास्टरमाइंड निकला पुलिसवाला

औरंगाबाद शहर के दानी बिगहा मोहल्ला निवासी कपड़ा व्यवसायी 68 वर्षीय मिथलेश प्रसाद एवं उनके कार चालक श्रवण प्रजापति का अपहरण के बाद हत्या कर देने के मामले का पर्दाफाश हो गया है। अपहृत व्यवसायी व कार चालक का नरकंकाल पलामू पुलिस ने सोमवार को बरामद किया है। अपहरण कर हत्या करने के मामले का मुख्य सरगना व मास्टरमाइंड झारखंड पुलिस का जवान प्रेमनाथ यादव निकला है। पुलिस जवान देवघर जिले में पदस्थापित है। पलामू पुलिस ने जवान के साथ इसके गिरोह के पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जवान की गिरफ्तारी देवघर से ड्यूटी के दौरान हुई है। पुलिस ने अपराधियों के पास से चार राइफल, 80 कारतूस बरामद किया है।

व्यवसायी मिथिलेश प्रसाद 25 मई को अपनी कार से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित अपनी बेटी के घर से औरंगाबाद लौट रहे थे। पलामू के नावा बाजार थाना क्षेत्र के कंडा घाटी में पहुंचे थे कि अपराधियों ने अपहरण कर लिया था। कार में सवार पत्नी रीता देवी को कार में ही छोड़ दिया था। चालक को अगवा कर लिया गया था। पलामू पुलिस के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने व्यवसायी एवं उनके चालक को घटनास्थल से करीब 65 किमी दूर गढ़वा जिला के रमकंडा गांव में ले जाकर अपने घर पर चार दिन तक रखे।

वहीं से फिरौती की मांग करते थे। पुलिस के अनुसार व्यवसायी के स्वजनों से अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। हालांकि अपराधियों ने फिरौती की रकम वसूली करने के पहले ही एक जून को दोनों की हत्या कर दी थी। अपराधियों को यह लगा था कि दोनों अगर जिंदा बचेंगे तो पुलिस हमतक पहुंच जाएगी। हत्या के बाद स्वजनों को झांसा में रखकर पैसे लिए गए। पुलिस के अनुसार अपहरणकर्ता व्यवसायी के परिवार से लगातार संपर्क में रहते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *