सीएम की वर्चुअल बैठक में पीएम मोदी- कोरोना की दूसरी लहर को रोकना है जरुरी…

Spread the love

देशभर में वैश्विक महामारी का कहर एक बार फिर से जारी है। कोरोना के बढ़ते मामले सभी के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। बता दें, जिस तरह से आकड़े बढ़ रहे हैं, उससे लोगों के मन में भय पैदा हो रहा है। इसी कड़ी में देश के प्रधानमंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में कोरोना के दूसरी लहर को रोकने के साथ ही साथ वैक्सीनेसन पर भी चर्चा की गई। पीएम मोदी ने कोरोना को लेकर कई सारी बातें मुख्यमंत्रियों के सामने रखी। हालाकिं, इस वर्चुअल बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद नहीं रहे।

पीएम ने कहा कि जनता को पैनिक मोड में नहीं लाना है, भय का माहौल नहीं बनाना है. हमें जनता को परेशानी से मुक्ति दिलानी है और पुराने अनुभवों को फिर से इस्तेमाल में लाना होगा। नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को एक साल से ज्यादा समय हो चुका है। भारत के लोगों ने कोरोना से जिस प्रकार सामना किया है, उसे लोग उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हैं। आज देश में 96 फीसदी से ज्यादा मामले रिकवर हो चुके हैं। मृत्यु दर में भी भारत सबसे कम दर वाले देशों में है। कुछ राज्यों में केसों की संख्या बढ़ रही है। देश के 70 जिलों में ये वृद्धि 150 फीसदी से ज्यादा है. हमें कोरोना की इस उभरती हुई ‘सेकंड पीक’ को तुरंत रोकना होगा। इसके लिए हमें तुरंत और निर्णयात्मक कदम उठाने होंगे। कोरोना की लड़ाई में हम आज जहां तक पहुंचे हैं, उससे आया आत्मविश्वास, लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए. हमें जनता को पैनिक मोड में भी नहीं लाना है और परेशानी से मुक्ति भी दिलानी है। हमें छोटे शहरों में टेस्टिंग को बढ़ाना होगा। हमें छोटे शहरों में रेफरल सिस्टम और एम्बुलेंस नेटवर्क के ऊपर विशेष ध्यान देना होगा.’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर को तत्काल रोकना होगा। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और पंजाब जैसे कई राज्यों में संक्रमण की दर लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोरोना की इस लहर को यहीं नहीं रोका गया, तो देशव्यापी असर देखने को मिल सकता है। पीएम ने कहा कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में वैक्सीन वेस्ट का आंकड़ा दस प्रतिशत तक पहुंचा है, ये बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। देश में हम करीब 30 लाख वैक्सीन रोज लगा पाए हैं, ऐसे में इसी रफ्तार को आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए हमें वैक्सीन वेस्टेज को रोकना होगा, इसके लिए राज्यों को थोड़ी सख्ती बरतने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.