Penny Stock : GTL इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत 2004 में हुई थी और यह टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग और एनर्जी मैनेजमेंट के बिजनेस में लगी हुई है। कंपनी देश भर में 26,000 से अधिक टावर संचालित करती है और टेलीकॉम कंपनियों को लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट (5 से 15 साल) पर टावर और संबंधित सर्विसेज मुहैया कराती है। इसका मकसद टेलीकॉम कंपनियों के लिए निवेश और संचालन खर्च कम करना है।
GTL इंफ्रा के बिजनेस मॉडल मजबूत हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों में 14 टेलीकॉम कंपनियों ने अपना कारोबार बंद कर दिया। इससे GTL के लिए ऑपरेशनल और वित्तीय दबाव बढ़ गया, क्योंकि बंद हुई कंपनियों पर बकाया रकम भी रह गई। इस कारण कंपनी का कारोबार सिकुड़ गया और नुकसान बढ़ने लगा।
Penny Stock की दुनिया
GTL इंफ्रा अब तक करीब 1.53 लाख करोड़ रुपए के बकाए की वसूली के लिए कानूनी जद्दोजहद में लगी हुई है। यह लंबी लड़ाई कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर लगातार दबाव डाल रही है। इन सभी चुनौतियों की वजह से कंपनी के शेयर का भाव गिरकर मात्र सवा रुपये के आस-पास आ गया। GTL इंफ्रा में LIC, ICICI, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन ओवरसीज बैंक जैसी बड़ी कंपनियों ने भरोसा जताया है। इसके अलावा कई म्यूचुअल फंड और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों ने भी इसके शेयर खरीदे हैं। निवेशकों का यह भरोसा कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देता है।
शेयर का हालिया प्रदर्शन
- शुक्रवार सुबह BSE पर शेयर 1.28 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
- बीते 5 दिन में शेयर में 10.34% की तेजी आई।
- एक महीने में 11.3% का रिटर्न दिया।
- छह महीनों में शेयर 11.72% गिरा।
- 2026 में अब तक 4.92% चढ़ा।
- पिछले एक साल में करीब 25% फिसला।
- 2006 में शेयर बाजार में आने के बाद से अब तक लगभग 94.6% नीचे आया।
विश्लेषक क्या कहते हैं?
विश्लेषकों का कहना है कि GTL इंफ्रा के पास मजबूत टावर नेटवर्क और लंबे कॉन्ट्रैक्ट हैं, लेकिन बकाया वसूली और टेलीकॉम कंपनियों की बाजार से बाहर जाने की चुनौतियां अभी पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं। निवेशक इसे हाई रिस्क, हाई रिवार्ड पेनी स्टॉक के रूप में देख सकते हैं।
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