Pappu Yadav Arrest : पटना की सड़कों पर शुक्रवार देर रात जो हुआ, उसने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी। आधी रात के करीब पुलिस की कई गाड़ियां अचानक पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के आवास पर आकर रुकीं। सिविल ड्रेस में अफसर, पांच थानों की टीम और भारी पुलिस बल ने माहौल को देखते ही देखते तनावपूर्ण बना दिया। लोकसभा सत्र खत्म कर दिल्ली से लौटे पप्पू यादव को यह भनक तक नहीं थी कि घर पहुंचते ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आ जाएगी।
पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई किसी तात्कालिक कारण से नहीं, बल्कि 1995 के एक पुराने मामले में कोर्ट के आदेश पर की गई। मामला गर्दनीबाग थाने से जुड़ा है, जिसमें पप्पू यादव पर मकान धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप दर्ज हैं।
Pappu Yadav हुए गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, लंबे समय से कोर्ट में पेश न होने के कारण जमानत शर्तों का उल्लंघन हुआ, जिसके बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। गिरफ्तारी के दौरान सबसे बड़ा विवाद वारंट को लेकर हुआ। पप्पू यादव का कहना था कि पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट नहीं दिखाया, सिर्फ संपत्ति कुर्की से जुड़े कागजात सामने रखे गए। इसी बात पर उनकी पुलिस से तीखी बहस हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात अचानक पुलिस का घर में घुसना उन्हें असुरक्षित महसूस करा रहा था और उन्हें लगा कि कोई अनहोनी हो सकती है।
सड़क पर बवाल
जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, समर्थक मौके पर जुटने लगे। कुछ कार्यकर्ता पुलिस वाहनों पर चढ़ गए, नारेबाजी शुरू हो गई और माहौल पूरी तरह हाईवोल्टेज हो गया। पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। कई घंटे तक चले इस ड्रामे ने पटना की रात को पूरी तरह जागता हुआ बना दिया।
‘हाउस अरेस्ट’ की मांग
पप्पू यादव ने पुलिस से कहा कि वे सुबह खुद कोर्ट में पेश होंगे और रात में थाने नहीं जाएंगे। उन्होंने हाउस अरेस्ट का विकल्प भी सुझाया, लेकिन पुलिस ने इसे मानने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के तहत तत्काल गिरफ्तारी जरूरी थी। लंबी बातचीत और तनाव के बाद आखिरकार पुलिस उन्हें अपने साथ ले जाने में सफल रही। गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई, जिसके बाद उन्हें आईजीआईएमएस ले जाया गया। अस्पताल ले जाते वक्त भी वे बार-बार यह कहते रहे कि उनके साथ गलत हो रहा है और यह सब उन्हें डराने की कोशिश है। देर रात तक अस्पताल और पुलिस महकमे में हलचल बनी रही।
#WATCH | बिहार: पुलिस एक पुराने मामले के सिलसिले में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के लिए पटना में उनके आवास पर पहुंची।
पटना के SP सिटी भानु प्रताप सिंह ने बताया, “1995 का एक मामला है जो पूर्ववर्ती IPC थी, BNS के स्थान पर उसके तहत 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी,… pic.twitter.com/CElJr7hbpS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 6, 2026
राजनीतिक साजिश का आरोप
पप्पू यादव ने साफ कहा कि यह गिरफ्तारी कानूनी से ज्यादा राजनीतिक है। उनका दावा है कि हाल के दिनों में उन्होंने पटना में नीट छात्र की मौत और गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा था, जिससे वे निशाने पर आ गए। उनके समर्थक भी इसे आवाज दबाने की कोशिश बता रहे हैं। फिलहाल, पप्पू यादव पुलिस हिरासत में हैं और शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाना है। जमानत मिलेगी या हिरासत बढ़ेगी, यह फैसला अदालत करेगी। लेकिन इतना तय है कि आधी रात की इस गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसकी गूंज आने वाले दिनों तक सुनाई देगी।
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