पापा मेरे सबसे अच्छे मित्र और मार्गदर्शक थे- जीव मिल्खा सिंह

दिग्गज गोल्फर और दिवंगत मिल्खा सिंह के बेटे जीव मिल्खा सिंह ने सोमवार को अपने पिता और महान धावक को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि-अपने सबसे अच्छे मित्र और मार्गदर्शक को गंवाने से निपटने के लिए जीवन भर के जज्बे की जरूरत होगी।बता दें कि स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े खेल दिग्गजों में से एक मिल्खा का एक महीने तक कोविड-19 संक्रमण से जूझने के बाद पिछले हफ्ते शुक्रवार को यहां निधन हो गया था।जीव ने कहा कि रविवार को ‘फादर्स डे’ ने उन्हें एक बार फिर याद कराया कि उन्होंने क्या खो दिया है।जीव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पापा मेरे पिता से अधिक थे- वह मेरे सबसे अच्छे मित्र और मार्गदर्शक थे। मिल्खा को जब कोविड पॉजिटिव पाया गया तो जीव दुबई में थे और इसके कुछ दिन बाद वह यहां पहुंच गए थे। मिल्खा सिंह का शनिवार शाम यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया और इस दौरान जीव ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। मिल्खा की पत्नी और राष्ट्रीय महिला वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर का भी उनसे पांच दिन पहले इस संक्रमण के कारण निधन हो गया था। उनके परिवार में तीन बेटियां भी हैं।जीव ने लिखा कि पता नहीं क्यों मुझे पापा की अंतिम यात्रा की अधिक चीजें याद नहीं है लेकिन एक चीज मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। एक सेना की वैन आकर रुकी और सैनिकों ने उसमें से निकलकर पापा को सैल्यूट किया।

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