नये विश्वविद्यालयों में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण, बिहार विधान परिषद से सात विधेयक पास

विधान परिषद में बुधवार को दूसरी पाली के दौरान कुल सात विधेयक सर्वसम्मति से बिना किसी संशोधन के पास हो गये. इनमें चार विधेयक नये विश्वविद्यालयों के गठन से संबंधित थे. विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति मुख्यमंत्री होंगे. चारों विश्वविद्यालयों में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने की व्यवस्था की गयी है. हालांकि विधान परिषद के विधायी कार्यों की सूची में पहले से केवल चार राजकीय विधेयक रखे गये थे. बाद में परिषद के परिषद के सचिव की सूचना पर तीन अन्य विधेयकों को शामिल किया गया. उन सभी को विधायी प्रक्रिया के बाद सदन ने सर्वसम्मति से बिना किसी संशोधन के पास कर दिया.

विधान परिषद से सात विधेयक पारित हुए, इनमें बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2021, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2021, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2021, बिहार खेल विश्वविद्यालय विधेयक 2021, बिहार माल और सेवा कर विधेयक 2021, बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक 2021 और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय विधेयक 2021 शामिल थे. परिषद में बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2021 के बारे में पंचायती राज विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने प्रस्ताव रखा. इस पर चर्चा में कांग्रेस के समीर कुमार सिंह शामिल हुये और उन्होंने अपना प्रस्ताव रखा. वहीं मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस तरह कोरोना संकट से पंचायत चुनाव नहीं हो सके हैं अब विधेयक पास होने का फायदा हो सकेगा. इससे पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष बाद भी राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कराये जाने तक रह सकेगा. साथ ही विधेयक के अन्य फायदे होंगे. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा और उसे पारित करने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में कई पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है जिसका लाभ राज्य के विद्यार्थियों को मिलेगा.

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