Chaitra Navratri 2026:- चैत्र नवरात्रि का आज दूसरा दिन है। आज का दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। इस दिन मां ब्रह्मचारी ने की पूजा आराधना की जाती है मानता है की मां ब्रह्मचर्य ने ज्ञान, तपस्या, त्याग और संगम का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है की मां ब्रह्मचर्य ने देवी की पूजा आराधना करने से आपको ज्ञान और आत्मविश्वास के साथ मानसिक शक्ति भी प्राप्त होती है। अगर आप भगवान की पूजा आराधना सही तरीके से करते हैं तो आपको इसका पूर्ण फल प्राप्त होता है।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप
मां ब्रह्मचारिणी का आचरण बहुत ही शांत होता है। चैत्र नवरात्र के दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आराधना करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। मां ब्रह्मचारिणी ने मां पार्वती के रूप में भगवान शिव को पाने के लिए हजारों वर्षों की कठिन तपस्या की थी। मान्यता है की मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आराधना करने से जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है।
मां ब्रह्मचारिणी की आरती
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।
मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र –
1. ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः।
2. ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।
3. स्तुति मंत्र –
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।
4. ध्यान मंत्र –
दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
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