ट्रू कॉलर की तर्ज पर पटना के प्रज्ज्वल ने बनाया भारत कॉलर एप, 15 दिन में ही मिले लाखों यूजर्स

कहते हैं जहां चाह वहां राह. वास्तव में पटना के प्रज्ज्वल ने भी कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया है जिसने अपने आईडिया ट्रू कॉलर (True Caller) की तर्ज पर भारत कॉलर एप (Bharat Caller App) बना दिया. पटना के मीठापुर का रहनेवाला प्रज्ज्वल बेंगलुरू से बीटेक और आईआईएम से एमबीए कर चुका है. शुरू से साइंस और कम्प्यूटर साइंस में रुचि रखनेवाले प्रज्ज्वल को पता नहीं था कि भारत कॉलर एप इतना हिट करेगा और देशभर में लाखों सब्सक्राइबर जुड़ जाएंगे. प्रज्ज्वल के पिता ज्योति कुमार सिन्हा सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी हैं और आज पिता भी बेटे की तकनीक पर नाज कर रहे हैं.

33 वर्षीय प्रज्ज्वल सिन्हा को पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्टार्टअप के लिए राष्ट्रीय अवार्ड दिया था. प्रज्ज्वल को सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ऑनलाइन टेस्ट सीरीज के स्टार्टअप के लिए यह सम्मान दिया गया था. प्रज्ज्वल के दिमाग में अचानक एक आईडिया आया कि एप तैयार किया जाए और उसने इस साल ही जनवरी में देसी एप तैयार करने की ठान ली. उसके बाद जून के पहले सप्ताह में आगरा के कुणाल और बनारस की रंजीता के सहयोग से उन्होंने इस पर काम शुरू किया और तीन महीने में यह एप तैयार हो गया.

एप तैयार होते ही इसे स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त को इसे लांच कर दिया गया. प्रज्ज्वल ने बताया कि देश की सुरक्षा को ध्यान में रखकर भारतीय सेना ने एक प्रतिष्ठित एप को पिछले साल प्रतिबंधित कर दिया था और इसी से उनके दिमाग में देसी एप विकसित करने का आइडिया आया. प्रज्ज्वल सिन्हा ने बताया कि भारत कॉलर एप लोगाों की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि उपभोक्ताओं की गोपनीयता सुरक्षित रहे और विकल्प भी मिल जाए. प्रज्ज्वल 12 वीं तक की पढ़ाई पटना के डीएवी बोर्ड कॉलोनी से की थी. ऐसे में स्कूल के शिक्षक भी प्रज्ज्वल के एप से वाकिफ हैं. साइंस टीचर बलिराम कुमार बताते हैं कि प्रज्ज्वल बचपन से ही पढ़ने में मेधावी था और साइंस में इसकी काफी रुचि थी, जिसका परिणाम सबके सामने है.

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