राजधानी पटना में अब डेंगू बनी आफत, अचानक तेजी से बढ़े मामले, सावधानी बरतें लोग

कोरोना की दूसरी लहर से भले ही राहत मिल गई हो, लेकिन पहले वायरल बुखार और अब डेंगू ने राजधानी पटना के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पटना के ज्यादातर इलाके तेजी के साथ डेंगू से प्रभावित होते जा रहे हैं। डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण स्वास्थ्य महकमा भी परेशान है। पटना में पिछले तीन दिनों में 16 डेंगू पीड़ितों की रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय को भेजी गई है।

पटना में तीन डेंगू पीड़ित आईजीआईएमस में भर्ती हैं। शहर के कई निजी अस्पतालों में भी डेंगू पीड़ित इलाज कराने पहुंचने लगे हैं। डेंगू का प्रकोप शहर के गुलजारबाग, दरियापुर, दानापुर, चैलीटाल, बैरिया, महेंद्र, अगमकुआं, सिपारा आदि इलाकों में है। सिविल सर्जन कार्यालय को इस माह यानी पिछले बारह दिनों में अलग-अलग अस्पतालों से 28 मरीज मिले हैं। आईजीआईएमएस मेडिसिन विभाग के वरीय चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि ओपीडी में डेंगू के मरीज हाल के दिनों में बढ़े हैं। तीन मरीज को भर्ती किया गया है। इसी तरह पीएमसीएच और अन्य निजी अस्पतालों की ओपीडी में भी डेंगू के मरीज आ रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. विभा सिंह ने बताया कि वायरल, डेंगू अथवा अन्य संक्रमण से पीड़ित बच्चों के बारे में जानकारी हासिल हो सके इसके लिए विशेष एक टीम बनाई गई है।

डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के पीछे सबसे बड़ी वजह मौसम में बदलाव और डेंगू के मच्छर पैदा होने के लिए जलजमाव जैसी समस्या को प्रमुख कारण माना जा रहा है। राजधानी पटना में हर साल लगभग सितंबर-अक्टूबर के महीने में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। लेकिन इस बार बारिश ज्यादा हुई लिहाजा जलजमाव की समस्या भी ज्यादा है। विशेषज्ञों के मुताबिक के डेंगू के मच्छर साफ जगह पर जमा हुए पानी के अंदर पैदा होते हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि वह अपने आसपास किसी तरह का पानी जमा न होने दें। डेंगू के नए मामलों के बीच चिंताजनक खबर यह है कि इस महीने अब तक तीन बच्चे कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इन तीनों की उम्र 11 साल से कम है।

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