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Noida Protest का पांचवां दिन आज, वेतन वृद्धि की मांग; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Noida Protest
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Noida Protest : नोएडा में श्रमिकों का वेतन बढ़ाने को लेकर चल रहा प्रदर्शन अब पांचवें दिन भी जारी है और हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। शुरुआत में शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह आंदोलन अब कई जगह हिंसक घटनाओं में बदल चुका है। मजदूर लंबे समय से वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान और बेहतर कामकाजी हालात की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी। खासकर औद्योगिक क्षेत्रों और संवेदनशील सेक्टरों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत नियंत्रित किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।

Noida Protest का पांचवां दिन आज

सेक्टर 121 और नोएडा फेज-2 में मंगलवार को फिर से पत्थरबाजी और उपद्रव की घटनाएं सामने आईं। कुछ अराजक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए इलाके को खाली कराया। कई जगहों पर पुलिस ने गलियों में उतरकर उपद्रवियों की पहचान शुरू की और उन्हें हिरासत में लिया। इससे इलाके में सन्नाटा पसर गया। इसी बीच सेक्टर-74 की केपटाउन सोसायटी के सामने एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जहां सुरक्षाकर्मी और सफाईकर्मी भी आंदोलन में शामिल हो गए। इन कर्मचारियों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और जाम लगाने की कोशिश की। उनका कहना है कि 12 घंटे की नौकरी के बावजूद मिलने वाला वेतन घर चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है।

छुट्टी का नोटिस

सेक्टर-63 स्थित एक औद्योगिक इकाई में कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद प्रबंधन ने एहतियातन दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी। जब कर्मचारी काम पर पहुंचे तो उन्हें गेट पर ही छुट्टी का नोटिस मिला। फिलहाल कंपनी के बाहर पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी टकराव की स्थिति से बचा जा सके। नोएडा फेज-2 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर भी पुलिस तैनात की गई है। सोमवार को यहां कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान काफी उपद्रव हुआ था, जिसके बाद कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा की मांग की थी। प्रशासन अब किसी भी तरह की दोबारा हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।

पुलिस कमिश्नर ने कही ये बात

गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा, “आज नोएडा में लगभग 83 स्थलों पर करीब 42000 श्रमिक अपनी मांगो को लेकर सड़कों पर उतरे थे। 2 जगहों पर हिंसक प्रदर्शन होने के कारण, न्यूनतम बल का प्रयोग करके कार्रवाई की गई। जिसमें मुकदमे लिखे जा रहे हैं। बाकी 78 जगहों पर वार्ता करके संयम का परिचय देते हुए श्रमिक को तितर बितर कराया गया…कुछ इलाकों में खासकर जो अन्य जनपदों की सीमा से लगे हैं, वहां गैर जनपदों से एक जत्था आया और वहां घूमकर माहौल को उत्तेजक और हिंसक बनाने की कोशिश की। इस जत्थे में से कुछ लोग हमारी गिरफ्त में आए हैं बाकियों की CCTV के माध्यम से पहचान करके उनपर कार्रवाई की जा रही है…”

सरकार और प्रशासन ने शुरू की बातचीत

मामले को शांत करने के लिए प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारी मजदूरों से बातचीत कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और समाधान निकालने की कोशिश जारी है। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की मांग है कि न्यूनतम वेतन बढ़ाया जाए, ओवरटाइम का पूरा भुगतान मिले और काम के घंटे तय किए जाएं। कई मजदूरों का कहना है कि उन्हें बहुत कम वेतन मिलता है, जबकि काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

औद्योगिक विकास आयोग के अध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा, “दिल्ली NCR में श्रमिक आंदोलन की समस्या चल रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इसमें इंडस्ट्री और लेबर डिपार्टमेंट के सर्वोच्च अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री ने कोशिश की है कि साथ बैठकर इस समस्या का समाधान निकाला जाए… कामगारों का कहना है कि महंगाई बढ़ गई है तो उनके पारिश्रमिक में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए… उनका कहना है कि जिन्होंने तोड़फोड़ की है, वे सभी बाहर के लोग थे… मुख्यमंत्री ने कहा है कि कामगारों के हितों की रक्षा होगी…”

सीएम योगी का सख्त संदेश

इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि हिंसा फैलाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नोएडा के कई इलाकों में तनाव बना हुआ है, लेकिन प्रशासन लगातार हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटा है। पुलिस की सख्ती और निगरानी के चलते बड़ी घटना टली हुई है, हालांकि छुटपुट विरोध अभी भी जारी है।

वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नोएडा में सैलरी बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर कहा, “भाजपा की सरकार में अन्याय की चरम सीमा है। अन्याय हर तरह का हो रहा है। अन्याय आर्थिक रूप से हो रहा है। अन्याय महंगाई बढ़ाकर हो रहा है। अन्याय बेरोजगारी बढ़ाकर हो रहा है। आज जो नोएडा में देखने को मिला है, बड़े पैमाने पर मजदूर अपनी मांग करते रहे हैं। पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सराकर की है। सरकार की कमी ये है कि जब मजदूर अपनी मांग को लेकर आए हैं तो सरकार ने सुनवाई क्यों नहीं की। अन्य प्रदेशों में भी जब मजदूरों का वेतन बढ़ गया तो सरकार ने उत्तर प्रदेश में राहत क्यों नहीं दी?”

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