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Ujjain में आस्था का नया डिजिटल रूप, महाकाल मंदिर में बदल रहा दर्शन का तरीका

Mahakal Mandir Ujjain
Mahakal Mandir Ujjain

Mahakal Mandir Ujjain : विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश के कोने-कोने से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं।श्रद्धालु अब सिर्फ घंटियों और मंत्रों की गूंज नहीं, बल्कि मोबाइल स्कैन की बीप के साथ भी जुड़ रहे हैं। मंदिर परिसर में कैशलेस व्यवस्था को जिस तेजी से अपनाया जा रहा है, उसने दर्शन का अनुभव और आसान बना दिया है। श्रद्धालु अब जेब में नकदी रखने की चिंता किए बिना दान, टिकट और अन्य सुविधाओं का लाभ ले पा रहे हैं। उज्जैन में यह बदलाव धीरे-धीरे आस्था की नई पहचान बनता जा रहा है।

महाकाल मंदिर में दान देने की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन अब इसका तरीका बदल गया है। मंदिर समिति ने दान काउंटरों के साथ-साथ पूरे परिसर में बारकोड लगाए हैं। श्रद्धालु जहां खड़े हों, वहीं से मोबाइल फोन के जरिए बारकोड स्कैन कर दान कर सकते हैं।

Mahakal Mandir Ujjain : श्रद्धालुओं को राहत

उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक से आने वाले भक्तों के लिए यह व्यवस्था खास राहत लेकर आई है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालु अब भाषा या भुगतान माध्यम की दिक्कत महसूस नहीं कर रहे। यूपीआई, ई-वालेट और अन्य डिजिटल विकल्पों के जरिए दान कुछ ही सेकंड में पूरा हो जा रहा है। महाकाल मंदिर में भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग और शीघ्र दर्शन टिकट की व्यवस्था पहले ही डिजिटल की जा चुकी है। श्रद्धालु घर बैठे ई-वालेट या ऑनलाइन भुगतान के जरिए बुकिंग कर लेते हैं।

लड्डू प्रसाद काउंटर

अब मंदिर समिति लड्डू प्रसाद काउंटर को भी पूरी तरह आधुनिक बनाने की तैयारी में है। जल्द ही यहां भी कैशलेस भुगतान की सुविधा शुरू की जाएगी। प्रसाद लेने के लिए लाइन में खड़े श्रद्धालु मोबाइल से भुगतान कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और व्यवस्था सुचारु रहेगी। महाकालेश्वर और हरसिद्धि धर्मशाला, अन्न क्षेत्र तथा अन्य सेवा केंद्रों पर भी कैशलेस भुगतान की शुरुआत कर दी गई है। रहने, भोजन और अन्य सेवाओं के लिए अब अलग-अलग जगह नकद भुगतान की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में अब एक ही डिजिटल माध्यम से कई सुविधाएं मिल सकेंगी।

नकद विकल्प भी जरूरी

हालांकि, मंदिर समिति ने यह भी साफ किया है कि नकद भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म नहीं की जाएगी। कई बार नेटवर्क की समस्या या तकनीकी खामी के चलते ई-पेमेंट में देरी हो जाती है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नकद भुगतान का ऑप्शन भी जारी रहेगा। महाकाल मंदिर में किया जा रहा यह डिजिटल प्रयोग काफी अच्छा है। जिस तरह से महाकाल मंदिर कैशलेस व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, आने वाले समय काफी बदलाव देखने को मिलेगा।

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