बिहटा में ही बनेगा नया एयरपोर्ट, मंत्री संजय झा बोले-हमने जमीन दे दी है, काम शुरू कराना मोदी सरकार की जिम्मेदारी

बिहटा में बनने वाला एयरपोर्ट सारण (छपरा) नहीं जायेगा. नीतीश सरकार ने इसकी हरी झंडी दे दी है. हाल ही में एयरपोर्ट आथोरिटी आफ इंडिया के हवाले से एक रिपोर्ट छपी थी कि बिहटा में जमीन की कमी के कारण इस एयरपोर्ट का निर्माण सारण (छपरा) में कराया जा सकता है. लेकिन नीतीश सरकार में जल संसाधन मंत्री संजय झा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार सरकार ने केंद्र सरकार को बिहटा में जमीन उपलब्ध करा दिया है. सारी प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब बस केंद्र सरकार को निर्माण कार्य शुरू कराना है. क्योंकि यह उनकी ही जिम्मेदारी है. पटना में शुक्रवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत में जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि “सिविल एविएशन मंत्रालय ने पटना एयरपोर्ट के लिए जो जमीन मांगी थी, वह जमीन बिहार सरकार ने मंत्रालय को दे दी है. अब काम शुरू करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है. दरभंगा एयरपोर्ट के जमीन के अधिग्रहण का काम भी बहुत जल्द हो जायेगा. साथ ही पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए भी राज्य सरकार काम कर रही है और वहां भी राज्य सरकार अपने तरफ से काम कर रही है.”

गौरतलब हो कि पिछले दिनों एक रिपोर्ट छपी थी कि बिहटा में जमीन की कमी के कारण सारण (छपरा) में एयरपोर्ट शिफ्ट करने पर चर्चा की जा रही है. लेकिन ऐसी कोई भी बात नहीं है. क्योंकि बिहार सरकार ने बिहटा में ही जमीन उपलब्ध करा दी है. आपको बता दें कि बीते दिन ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा था. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीएम नीतीश से बिहार के हवाई अड्डों को विस्तार देने के लिए मदद मांगी थी. भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक पटना एयरपोर्ट पर रनवे एक्सटेंशन, पैरेलल टैक्सी ट्रैक, डॉपलर वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज (डीवीओआर) उपकरण, आइसोलेशन बे और ग्लाइड पाथ के लिए 49.5 एकड़ जमीन की जरूरत को रेखांकित करते हुए नीतीश को पत्र लिखा है. पूर्णिया हवाई अड्डे पर लगभग 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता है. एटीआर -72 प्रकार के विमान के लिए हवाई अड्डे के विकास के लिए रक्सौल में 121 एकड़, मुजफ्फरपुर हवाई अड्डे पर ए-320 प्रकार के विमान के संचालन के लिए 475 एकड़ जमीन की आवश्यकता है. कैट , अप्रोच लाइट सिस्टम के साथ नए सिविल एन्क्लेव के विकास के लिए दरभंगा में 78 एकड़ जमीन चाहिए.

केंद्रीय मंत्री की ओर से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे गए पत्र को लेकर राज्य कैबिनेट सचिवालय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि अभी तक पत्र नहीं मिला है. उनके मुताबिक “जहां तक पटना हवाई अड्डे का सवाल है, राज्य सरकार ने आइसोलेशन बे के लिए और DVOR स्थापित करने के लिए 15.5 एकड़ जमीन दी है. औपचारिक हस्तांतरण की अभिव्यक्ति के रूप में उन्हें पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है और वे समानांतर टैक्सी ट्रैक के लिए और 20 एकड़ जमीन चाहते हैं. भूमि परिवहन सहित 2-3 विभिन्न विभागों की है। सरकारी जमीन भी है जो आईसीएआर को लीज पर दी गई है.” मुख्य सचिव संजय कुमार ने आगे कहा कि “रक्सौल का एक पुराना हवाई अड्डा है और वह जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की है. मुझे नहीं पता कि वे और जमीन मांग रहे हैं या नहीं. एएआई दरभंगा में 78 एकड़ जमीन मांग रहा है, जिसमें नए सिविल एन्क्लेव (टर्मिनल बिल्डिंग, कार्गो, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, फायर स्टेशन और अन्य सहायक भवन) के लिए 54 एकड़ और श्रेणी. (कैट) की स्थापना के लिए 24 एकड़ जमीन शामिल है. इसके लिए राज्य सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है.प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल में रखा जाएगा, जिसके बाद अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी.”

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