Nandanvan Jungle Safari : छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थित नंदनवन जंगल सफारी आज राज्य के सबसे प्रमुख वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुकी है। करीब 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली यह विशाल जंगल सफारी पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में दुर्लभ वन्यजीवों को करीब से देखने का अनूठा अवसर देती है। यहां वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और ईको-टूरिज्म को एक साथ बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके चलते हर साल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में एक मिनी जू के रूप में हुई थी, जहां घायल और बचाए गए वन्यजीवों की देखभाल की जाती थी।
2008 में इसे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से आधिकारिक मान्यता मिली। इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक जंगल सफारी विकसित करने की योजना बनाई गई और वर्ष 2012 से 2015 के बीच इसके लिए भूमि विकसित की गई। अंततः 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर इस आधुनिक जंगल सफारी का उद्घाटन किया गया।
Nandanvan Jungle Safari
नंदनवन जंगल सफारी का उद्देश्य केवल पर्यटकों का मनोरंजन नहीं, बल्कि दुर्लभ वन्यजीवों का संरक्षण, प्रजनन और जैव विविधता को सुरक्षित रखना भी है। यहां जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास के अनुरूप वातावरण उपलब्ध कराया गया है ताकि वे तनावमुक्त रह सकें। साथ ही विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए जंगल सफारी को पांच प्रमुख जोन में विकसित किया गया है। शाकाहारी सफारी में चीतल, सांभर, नीलगाय और काले हिरण खुले वातावरण में दिखाई देते हैं।
भालू सफारी में प्राकृतिक परिवेश में भालुओं को देखा जा सकता है। बाघ सफारी पर्यटकों को राष्ट्रीय पशु टाइगर को करीब से देखने का रोमांच देती है, जबकि सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा 50 हेक्टेयर में फैला जू जोन विभिन्न पक्षियों, सरीसृपों और अन्य वन्यजीवों का प्रमुख आकर्षण है।
मुख्य आकर्षण
नंदनवन जंगल सफारी में देश के विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ प्रजातियों को शामिल किया गया है। यहां सफेद बाघ (व्हाइट टाइगर), दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। इन दुर्लभ जीवों को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। नंदनवन जंगल सफारी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025-26 में यहां 3.24 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। इससे पहले भी हर वर्ष यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वन विभाग का मानना है कि बेहतर सुविधाओं, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास की योजनाओं के कारण नंदनवन अब देश के प्रमुख जंगल सफारी स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
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